भवानीमंडी | ( जगदीश पोरवाल ) 06 अप्रैल, 2026
शिक्षा विभाग के निर्देशों के क्रम में सोमवार को भवानीमंडी ब्लॉक के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का उच्चाधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कहीं शिक्षकों की निष्ठा को सराहा गया, तो कहीं समय पाबंदी और उपस्थिति में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ थमाया गया।
CBEO का दौरा: कहीं शाबाशी, तो कहीं सख्त निर्देश
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) श्री कल्याण मल मेघवाल ने सुबह क्षेत्र के विद्यालयों का रुख किया:
- रा.उ.मा.वि. गुराडिया भर्ता: सुबह 7:50 बजे तक केवल 3 अध्यापक ही उपस्थित मिले। कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या भी काफी कम पाई गई। CBEO ने प्रधानाचार्य को स्वयं समय पर उपस्थित रहने और विद्यालय संचालन व नियमित कक्षाओं के लिए कड़े निर्देश दिए।
- रा.उ.मा.वि. नई आबादी गुराड़िया माना: यहाँ स्थिति संतोषजनक मिली। सभी शिक्षक समय पर उपस्थित थे और कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित पाई गईं।
- रा.प्रा.वि. कांडखेड़ी: यहाँ कक्षाओं में उन्नत बोर्ड (Smart Board) का प्रभावी प्रयोग होता देख CBEO ने हर्ष व्यक्त किया और संबंधित अध्यापक की सराहना करते हुए शाबाशी दी।
अनुपस्थित कार्मिकों पर गिरी गाज
निरीक्षण की इस कड़ी में अन्य अधिकारियों ने भी अलग-अलग केंद्रों की जांच की:
- रा.उ.मा.वि. नारायण खेड़ा: प्रधानाचार्य श्री पीरु लाल वर्मा के निरीक्षण के दौरान 16 में से 2 कार्मिक अनुपस्थित मिले, जिन्हें तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- रा.उ.मा.वि. सरोद: आरपी श्री दिनेश बत्रा ने सुबह 7:30 बजे विद्यालय की जांच की। यहाँ कुल 22 कार्मिकों में से मात्र 14 समय पर उपस्थित थे। शेष अनुपस्थित कार्मिकों के विरुद्ध नोटिस की कार्रवाई की गई है।
- रा.उ.मा.वि. गुढ़ा: ACBEO-द्वितीय श्री दामोदर प्रसाद शर्मा ने यहाँ निरीक्षण किया। यहाँ 7 कार्मिक समय पर थे, 3 कार्मिक विलंब (7:45 AM) से पहुंचे, जबकि 2 ऑन-ड्यूटी और 2 अनुपस्थित पाए गए। यहाँ प्रार्थना सभा और सूर्य नमस्कार संपन्न हुआ।
शिक्षण व्यवस्था सुधारने पर जोर
निरीक्षण के दौरान देवनारायण का और निपानिया उदा विद्यालयों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं और सभी शिक्षक अपनी ड्यूटी पर तैनात पाए गए।
अधिकारियों का संदेश: निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में समयबद्धता सुनिश्चित करना और नामांकन के अनुरूप छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना है। लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

