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भैसोदा। ( जगदीश पोरवाल ) नगर के विकास और प्रशासनिक कार्यों में अनुभव का तड़का लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भैसोदा नगर परिषद में चार एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) की नियुक्ति कर दी है। प्रदेश की 123 नगर परिषदों में नियुक्तियों के क्रम में जारी इस आदेश से स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
इन अनुभवी चेहरों को मिली जिम्मेदारी
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, नगर के विभिन्न वार्डों से आने वाले अनुभवी व्यक्तित्वों को इस पद के लिए चुना गया है:
सिद्धेश्वर आचार्य (पुत्र रामगोपाल आचार्य, वार्ड क्रमांक 1), कमल हटवाल (पुत्र हजारीलाल हटवाल, वार्ड क्रमांक 8), सत्यनारायण सोनी (पुत्र गोवर्धन प्रसाद सोनी, वार्ड क्रमांक 3) तथा रवीना शर्मा (पति विजेश शर्मा, वार्ड क्रमांक 15) को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। रवीना शर्मा एकमात्र महिला एल्डरमैन हैं, जिससे नगर परिषद में महिला प्रतिनिधित्व को भी मजबूती मिलेगी।
महिला प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर
इस नियुक्ति की सबसे खास बात श्रीमती रवीना शर्मा का चयन है। चार एल्डरमैन में वह एकमात्र महिला सदस्य हैं। उनकी नियुक्ति से न केवल परिषद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण और वार्ड स्तर की समस्याओं को बेहतर ढंग से उठाने में मदद मिलेगी।
क्या है ‘एल्डरमैन’ की भूमिका?
साधारण शब्दों में कहें तो एल्डरमैन नगर परिषद के वे ‘वरिष्ठ’ सदस्य होते हैं जिन्हें उनके अनुभव के आधार पर सरकार मनोनीत करती है।
अनुभव का लाभ: ये सदस्य परिषद की बैठकों में हिस्सा लेते हैं और नीतियों के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता साझा करते हैं।
विकास कार्यों की समीक्षा: शहर के प्रशासनिक निर्णयों और विकास योजनाओं को अमली जामा पहनाने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
शाब्दिक अर्थ: ‘एल्डरमैन’ शब्द अंग्रेजी के Ealdormann से आया है, जिसका अर्थ है “वरिष्ठ या अनुभवी व्यक्ति”।
राज्य सरकार द्वारा भैसोदा नगर परिषद में चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं,नियुक्ति के आदेश प्राप्त हो चुके हैं,यह एल्डरमैन राज्य सरकार के आदेश के अनुसार ही कार्य करेंगे यह राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं,इनके कार्यकाल निर्णय का निर्णय भी शासन करता है ।
गिरीश शर्मा
सीएमओ नगर परिषद भैसोदा
क्षेत्र में खुशी की लहर
इन नियुक्तियों के बाद स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि अनुभवी लोगों के परिषद में आने से रुके हुए विकास कार्यों में तेजी आएगी और नगर की व्यवस्थाएं पहले से अधिक सुदृढ़ होंगी।

