
झालावाड़, 22 मार्च। (जगदीश पोरवाल)
सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने रविवार को झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन जल दुर्ग का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कालीसिंध एवं आहू नदियों के संगम स्थल के मनोहारी प्राकृतिक दृश्य का अवलोकन कर इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
बिना नीव के चट्टानों पर अड़िग खड़ा यह गागरोन दुर्ग
राज्यपाल ने दुर्ग की ऐतिहासिक एवं स्थापत्य विशेषताओं में विशेष रुचि लेते हुए कहा कि बिना नींव के चट्टानों पर सदियों से अडिग खड़ा यह दुर्ग भारतीय शौर्य, पराक्रम और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इसे अद्वितीय और अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार की धरोहरें देश की गौरवशाली पहचान हैं।
जिला कलेक्टर ने गागरोन दुर्गा का इतिहास बताया
भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने किले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का पैदल निरीक्षण किया और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी ली। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने उन्हें गागरोन दुर्ग के इतिहास, यहां हुए जौहर की गाथा, विभिन्न शासकों के योगदान, संत पीपा जी के जीवन प्रसंग तथा प्रसिद्ध गागरोनी तोतों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
व्यापक प्रचार प्रसार पर जोर देने को कहा
राज्यपाल ने गागरोन जल दुर्ग के संरक्षण और पर्यटन की दृष्टि से इसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
राजपाल के साथ जिले के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, उपखंड अधिकारी अभिषेक चारण, उपखंड अधिकारी खानपुर रजत कुमार विजयवर्गीय, पुलिस उपाधीक्षक खानपुर गरिमा जिंदल एवं पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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