भवानीमंडी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर नगर की अग्रणी समाजसेवी संस्था माधव जनकल्याण प्रन्यास ट्रस्ट द्वारा जनकल्याण की भावना के साथ नीम के रस का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राचीन भारतीय परंपराओं को पुनर्जीवित करना और नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
स्वास्थ्य और परंपरा का संगम
भारतीय संस्कृति में नववर्ष के प्रथम दिन नीम की कोमल पत्तियों का रस पीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए, ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने न राहगीरों और स्थानीय निवासियों को नीम का रस पिलाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
ट्रस्ट के अध्यक्ष बनेसिंह सोलंकी के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा कार्य में सदस्यों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
- ट्रस्ट पदाधिकारी: रामस्वरूप नागर, राजेंद्र शर्मा, कृष्णगोपाल।
- गणमान्य नागरिक: विवेक शर्मा, मुकेश राठौर, श्याम गुर्जर, लोकेश योगी, सौरभ, अवधेश व्यास और राजेंद्र गुप्ता।
सामाजिक संदेश
ट्रस्ट के अध्यक्ष बनेसिंह सोलंकी ने बताया कि नीम का रस रक्त को शुद्ध करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। ट्रस्ट का मुख्य ध्येय समाज को अपनी जड़ों से जोड़ना और लोक-हित के कार्यों को निरंतर जारी रखना है। नगरवासियों ने भी ट्रस्ट की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की।
