5500 जल उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़: भवानीमंडी-पचपहाड़ में गंदा और बदबूदार पानी, जिम्मेदार बेखबर




लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, लीकेज और गंदी टंकियों ने बढ़ाई समस्या; जनता में रोष

भवानीमंडी। (जगदीश पोरवाल)
पिछले करीब एक पखवाड़े से भवानीमंडी और पचपहाड़ क्षेत्र के लगभग 5500 जल उपभोक्ताओं को गंदा, मटमैला और बदबूदार पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर आमजन लगातार शिकायतें कर रहे हैं और मीडिया में भी मामले को प्रमुखता से उठाया जा रहा है, इसके बावजूद जल अभियांत्रिकी विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

स्थिति ऐसी बन गई है कि लोगों को मजबूरी में दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी मंडरा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि विभाग शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जबकि समय रहते कदम उठाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।

इंदौर जैसी त्रासदी की आशंका, फिर भी लापरवाही

शहरवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि देश में पहले भी नलों से गंदा और जहरीला पानी आने के कारण गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। इंदौर में इसी तरह की लापरवाही के चलते कई लोगों की जान चली गई थी। ऐसे उदाहरणों के बावजूद यहां जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

लीकेज और फूटी पाइपलाइन से बढ़ रही समस्या

शहर में जगह-जगह नल लाइनों में लीकेज और पाइपलाइन फूटने की घटनाएं आम हो गई हैं। हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है, वहीं कई स्थानों पर गंदगी पाइपलाइन में मिलकर पानी को दूषित कर रही है। उपभोक्ताओं द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकांश जगहों पर स्थायी समाधान नहीं किया गया है। हालांकि विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर लीकेज सुधारे भी गए हैं ।
विभाग का कहना है कि भूमिगत केबल डालने के कारण लाइनें कुछ जगह पर क्षतिग्रस्त हुई है उस कारण भी पाइपलाइन में लिकेज की समस्या है ।

टंकियों की सफाई भी समय पर नहीं

पचपहाड़ क्षेत्र की दो प्रमुख पानी की टंकियों की सफाई की निर्धारित तिथि 10 फरवरी को ही निकल चुकी है, लेकिन अब तक उनकी सफाई नहीं करवाई गई है। इससे भी पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है और गंदगी की समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
पचपहाड़ में माताजी बाग दर्जीयो की गली में मंगलवार को हुई जल सप्लाई में जिस तरह का गंदा पानी नलो से आया वह वाकई में सभी के लिए विचार करने योग्य है ।

पिपलाद बांध का दूषित पानी, राजगढ़ योजना अटकी

वर्तमान में भवानीमंडी को पिपलाद बांध से पेयजल सप्लाई किया जा रहा है, जिसका पानी पहले से ही दूषित माना जाता रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा राजगढ़ बांध से पेयजल सप्लाई की घोषणा करीब दो वर्ष पहले की गई थी, लेकिन यह योजना अब तक टेंडर प्रक्रिया में ही उलझी हुई है।

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल

लगातार शिकायतों के बावजूद पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। आमजन का कहना है कि जब समस्या लंबे समय से बनी हुई थी तो नेताओं ने आवाज क्यों नहीं उठाई। अब जनता जवाब मांगने की तैयारी में है।

समाधान संभव, जरूरत है इच्छाशक्ति की

शहरवासियों का मानना है कि यह कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका समाधान संभव न हो। आवश्यकता है तो सिर्फ जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गंभीरता और इच्छाशक्ति की। यदि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं तो शहर को नलों में सप्लाई किया जा रहे गंदा और बदबूदार पानी से राहत मिल सकती है।

भवानीमंडी और पचपहाड़ के हजारों लोगों की सेहत से जुड़ा यह मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या किसी बड़े जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

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