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सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता की दिखी अनूठी मिसाल
भवानीमंडी। (जगदीश पोरवाल )पचपहाड़ स्थित हजरत सैयद बाबा बावड़ी वाले (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह पर आयोजित तीन दिवसीय 69वां उर्स मुबारक सोमवार को ‘कुल की रस्म’ और विशेष दुआ के साथ अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न हुआ। 14 से 16 मार्च तक चले इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए हजारों जायरीनों ने शिरकत की और बाबा के दर पर मत्था टेक कर अमन-चैन की दुआएं मांगी।
धार्मिक कार्यक्रमों की रही धूम
उर्स के दौरान तीन दिनों तक कुरानख्वानी, मिलाद शरीफ और सूफियाना कव्वाली की महफिलें सजी रहीं:
- प्रथम दिन (14 मार्च): सुबह कुरानख्वानी से उर्स का आगाज हुआ। रात में मिलाद शरीफ के बाद कव्वाल सलीम साबरी (कपासन) ने अपनी प्रस्तुति दी।
- द्वितीय दिन (15 मार्च): देश के प्रसिद्ध कव्वाल नईम साबरी (उत्तर प्रदेश) ने सूफियाना कलाम पेश कर समां बांध दिया।
- अंतिम दिन (16 मार्च): टी.वी. आर्टिस्ट कव्वाल शाकिब अली साबरी (फैजाबाद) की शानदार प्रस्तुतियों के बाद सुबह 5 बजे कुल की रस्म अदा की गई।
सांप्रदायिक एकता का प्रतीक
आयोजन समिति के सदर मंजूर अली और सचिव समीर खान ने बताया कि यह उर्स हमेशा से ही हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देता रहा है। तीन दिनों तक साबरी लंगर के माध्यम से सभी जायरीनों को भोजन प्रसादी (लंगर) वितरित की गई।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर डिप्टी साहब प्रेम जी चौधरी, सरपरस्त कैलाश बोहरा, नायब सरपरस्त चेतन गहलोत, सदर मंजूर अली, सचिव समीर खान, यूसुफ खान, महाप्रबंधक हारून अब्बासी, लंगर कमेटी सदर नाना चौहान, पार्षद अमजद अली,नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय आस्तोलिया, सोहेल खान सहित आयोजन समिति के तमाम पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शुक्रिया अदा किया: सचिव समीर खान ने उर्स के सफल आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन, चिकित्सा विभाग, मीडिया कर्मियों और सभी क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया है।



