झालावाड़ | 16 मार्च
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में झालावाड़ जिले ने लगातार तीसरी बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। संपर्क पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण और संतुष्टि प्रतिशत के आधार पर जिला तीन महीनों से प्रदेश में अव्वल बना हुआ है।
सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।
30 दिन से ज्यादा लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता
संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि 30 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़कों से हटेंगे बेसहारा पशु
बैठक में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए नगर परिषद और पशुपालन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं और नंदीशालाओं में पहुंचाया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।
गैस सिलेंडर आपूर्ति पर भी समीक्षा
बैठक में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला रसद अधिकारी और एचपीसीएल प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि आगामी दिनों में मांग के अनुसार गैस सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि जिले में घरेलू रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
सचिवालय परिसर में स्वच्छता के निर्देश
कलेक्टर ने मिनी सचिवालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालयों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और दीवारों पर तंबाकू थूकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पट्टा और भूमि आवंटन प्रकरणों पर भी चर्चा
बैठक में लंबित पट्टा प्रकरणों और विभिन्न विभागों को भूमि आवंटन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण और समय पर आवेदन प्रस्तुत कर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
