भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )
शहर के प्राचीन श्री राधेश्याम मंदिर में भगवान के प्रति आस्था और समर्पण की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है। यहां कुछ ऐसे श्रद्धालु हैं जिन्होंने अपनी दैनिक दिनचर्या ही भगवान श्री राधेश्याम की सेवा और आराधना को समर्पित कर दी है। ये भक्त प्रतिदिन प्रातः 5 बजे होने वाली मंगला आरती और रात 9 बजे होने वाली शयन आरती में नियमित रूप से शामिल होते हैं।
मंदिर के नियमित भक्त देवेंद्र शर्मा ने बताया कि वे पूरे साल प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठते हैं। नित्य क्रिया से निवृत्त होकर वे सुबह मंगला आरती के लिए मंदिर पहुंच जाते हैं। उनका कहना है कि भगवान की सेवा और आराधना से उन्हें मानसिक शांति और ऊर्जा मिलती है।
देवेंद्र शर्मा के साथ ही दामोदर शुक्ला, बालकिशन गुप्ता, दिनेश तिवारी , गौरीशंकर , कैलाश पोरवाल सहित करीब एक दर्जन पुरुष श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिर में मंगला और शयन आरती में उपस्थित रहते हैं। इसी तरह लगभग इतनी ही संख्या में महिला भक्त भी नियमित रूप से आरती में शामिल होकर भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करती हैं। यह भक्ति और समर्पण का सिलसिला कई वर्षों से निरंतर जारी है।

देवेंद्र शर्मा ने बताया कि राधेश्याम मंदिर में आरती के बाद वे गणेश मंदिर और हनुमान मंदिर में भी दर्शन-पूजन करते हैं। इसके बाद सुबह करीब 7 बजे घर लौटते हैं।
उन्होंने बताया कि अन्य लोगों में भी भक्ति भावना जागृत हो, इसके लिए वे प्रतिदिन मंगला और शयन आरती के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर साझा करते हैं, जिससे कई लोग प्रेरित होकर मंदिर आने लगे हैं।
आस्था और समर्पण का यह उदाहरण शहर में भक्ति भावना को मजबूत करने के साथ ही लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

