होली की भांग का रंग ऐसा चढ़ा की सदन में ‘भांग’ वाली बहस… शिक्षा पीछे, बयानबाज़ी आगे!

भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) राजस्थान विधानसभा में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पद सृजन को लेकर शुरू हुई बहस अचानक तीखी बयानबाज़ी में बदल गई। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और वर्तमान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बीच आरोप–प्रत्यारोप इतने तेज हुए कि “भांग खाकर स्कूल खोलने” और “भांग खाकर जवाब देने” जैसे शब्द भी सदन में गूंज उठे।

दिलचस्प बात यह रही कि अभी हाल ही में होली और धुलेंडी का त्योहार भी बीता है। होली पर भांग के साथ रंग खेलने का आनंद अलग ही माना जाता है। शायद इसी रंग और मस्ती की खुमारी का असर विधानसभा तक पहुंच गया। जैसे ही सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेताओं की जुबान पर भी “भांग” से जुड़े तंज सुनाई देने लगे और देखते ही देखते सदन में हंगामा मच गया।

इस पूरे घटनाक्रम को भवानीमंडी के कार्टूनिस्ट अशोक श्री श्रीमाल ने अपने चुटीले कार्टून में बड़े ही व्यंग्यात्मक अंदाज में उकेरा है। कार्टून में एक आम मतदाता दोनों नेताओं के बयान वाले पोस्टर हाथ में पकड़े खड़ा है और ऊपर से गुहार लगा रहा है—

माननीयों, हम मतदाता हैं, भांग नहीं… सदन में ऐसी बहस सुन-देखकर हैरान हैं।”

कार्टून मानो यह सवाल पूछ रहा हो कि शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सदन में बहस का रंग कुछ और ही चढ़ गया। जनता को उम्मीद थी कि स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था पर ठोस निर्णय सामने आएंगे, मगर सुर्खियों में आ गई नेताओं की जुबानी जंग।
कार्टूनिस्ट का यह व्यंग्य दरअसल उसी आम मतदाता की भावना को सामने लाता है, जो चाहता है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर मुद्दों की गंभीरता बनी रहे, न कि बहस का रंग होली की मस्ती जैसा हो जाए।

कटाक्ष
होली की भांग का रंग शायद सदन तक चढ़ गया… शिक्षा पर बहस कम, तंज ज्यादा!

कार्टून कैप्शन
भवानीमंडी के कार्टूनिस्ट अशोक श्री श्रीमाल का यह कार्टून विधानसभा में शिक्षा को लेकर हुई ‘भांग’ वाली बयानबाज़ी पर तीखा व्यंग्य करता है।

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