भवानीमंडी | जगदीश पोरवाल
उप जिला चिकित्सालय भवानीमंडी में इन दिनों डॉक्टर को दिखाने से पहले पर्ची कटवाने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। अस्पताल में सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक पर्ची काउंटर पर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार हाल ही में अस्पताल में आईएचएमएस (IHMS) सॉफ्टवेयर लागू किया गया है, जिसके तहत पर्ची बनाने के लिए मरीज का मोबाइल नंबर दर्ज करना आवश्यक है। इसी प्रक्रिया के कारण काउंटर पर समय अधिक लग रहा है और कतारें लंबी हो रही हैं।
पर्ची में मोबाइल नंबर ऐड करना जरूरी इसलिए लग रही मरीजो की लंबी लाइन-
चिकित्सा प्रभारी डॉ. रोहिताश कुमार ने बताया कि कई मरीजों के पास मोबाइल फोन नहीं होने के कारण भी दिक्कत आ रही है। ऐसे मामलों में मरीज के साथ आए परिजनों के मोबाइल नंबर भी दर्ज कर पर्ची बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भी भेजा गया है।
पर्ची मैं मोबाइल नंबर क्यों है जरूरी
सूत्रों ने बताया कि मरीजों को दी जाने वाली पर्ची में मोबाइल नंबर डलवाने के पीछे उद्देश्य यह है कि मरीज का पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा उसके कौन सी जांच हुई कौन सा ट्रीटमेंट लिखा गया व सब एक क्लिक में सामने आ जाएगा ।

ओपीडी में आ रहे हैं प्रतिदिन 600 मैरिज
डॉ. रोहिताश के अनुसार वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन करीब 500 से 600 मरीज आउटडोर (ओपीडी) में इलाज कराने आ रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित हैं।
आभा ऐप से मिलेगी राहत
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को लंबी कतारों से बचाने के लिए आभा (ABHA) ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है। अस्पताल परिसर में लगाए गए पंपलेट में बताया गया है कि मरीज अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर आभा ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और उसी के माध्यम से ओपीडी रजिस्ट्रेशन कर पर्ची बनवा सकते हैं।
आभा ऐप के माध्यम से मरीज अस्पताल के साथ अपनी प्रोफाइल साझा कर आसानी से रजिस्ट्रेशन टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारों से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

