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भवानीमंडी । (जगदीश पोरवाल ) 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के साथ ही भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री, झालरापाटन विधायक वसुंधरा राजे का जन्मदिन भी रहा। इस अवसर पर राजे ने महिलाओं की शक्ति, आत्मनिर्भरता और राजनीति में उनके प्रतिनिधित्व को लेकर बेबाक विचार व्यक्त किए।
राजे ने कहा कि घर की नींव में सबसे मजबूत ईंट महिला ही होती है। यदि वह नींव से निकल जाए तो पूरा घर हिल जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से लेकर विधानसभा तक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगा, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
राजे ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए स्वयं पहल करनी होगी। महिलाओं का, महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा हित करना होगा। तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन आएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनना कभी अच्छा नहीं लगा कि हमारा समाज पुरुष प्रधान है, क्योंकि पुरुष को जन्म देने वाली भी नारी ही है। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2008 में भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना शुरू की और महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाने की पहल की। साथ ही पंचायत राज संस्थाओं में सभी पदों पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया।
महिला दिवस पर उन्होंने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाएं अपने जीवन और परिवार के निर्णय स्वयं लें। स्वविवेक से आगे बढ़ें, अपने और अपने परिवार का रिमोट अपने हाथ में रखें। यदि आप सशक्त और आत्मनिर्भर बनती हैं तो अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाने में मदद करें।यह विचार वसुंधरा राजे ने जयपुर में जे ई सी आर सी विश्वविद्यालय में महिला दिवस पर व्यक्त किये ।
“घर की नींव में सबसे मजबूत ईंट महिला होती है।
वह अगर नींव से निकल जाए तो पूरा घर हिल जाता है।”
— वसुंधरा राजे
महिला दिवस संदेश
स्वविवेक से आगे बढ़ें
अपने जीवन के निर्णय खुद लें
आत्मनिर्भर बनें और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाएं
धैर्य रखें, सफलता जरूर मिलेगी
देश में महिलाओं की बढ़ती ताकत
1947 में महिला साक्षरता 8%, आज करीब 68%
उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन लगभग 50%
देश में 2 करोड़ से अधिक महिला उद्यमी
MSME क्षेत्र में लगभग 40% महिलाएं
यूपीएससी सिविल सेवा में महिलाओं का चयन करीब 41%
प्रेरणा देने वाली महिलाएं
प्रतिभा पाटिल – देश की पहली महिला राष्ट्रपति
मीरा कुमार – पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष
अन्ना राजम मल्होत्रा – देश की पहली महिला आईएएस
किरण बेदी – पहली महिला आईपीएस
द्रौपदी मुर्मू – साधारण परिवार से देश की राष्ट्रपति तक का सफर
