भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) पचपहाड़ तहसील के करावन में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए संचालित तौल केंद्र को निरस्त किए जाने के आदेश से क्षेत्र के किसानों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजस्थान राजेश गुप्ता ने उपखंड अधिकारी श्रद्धा गोमे को ज्ञापन सौंपकर केंद्र को पुनः शुरू कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि करीब 5 वर्ष पूर्व करावन में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए तौल केंद्र स्थापित किया गया था। इस केंद्र पर अब तक लगभग 1 लाख 30 हजार बैग गेहूं की तुलाई हो चुकी है और करीब 5 हजार किसानों ने इसका लाभ लिया है। किसानों के अनुसार अचानक केंद्र को बंद करने का निर्णय क्षेत्र के लिए चिंताजनक है।
मेगा फूड पार्क के बाद तौल केंद्र भी बंद करने पर किसानों में नाराजगी–
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि करावन क्षेत्र में किसानों और स्थानीय विकास को ध्यान में रखते हुए पूर्व में कई योजनाएं लागू की गई थीं। यहां तक कि क्षेत्र में मेगाफूड पार्क भी स्थापित किया गया था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया। अब तौल केंद्र बंद करने से किसानों को एक और बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
700 से अधिक किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण-
किसानों का कहना है कि वर्तमान में भी करावन समर्थन मूल्य केंद्र के लिए 700 से अधिक किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करा रखा है। भवानीमंडी के समीप होने के कारण यह किसानों के लिए सुविधाजनक केंद्र था, जिससे उनका आवागमन खर्च कम होता था और उन्हें अपनी उपज आसानी से समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलता था।
प्रशासन पुनर्विचार करें-
किसानों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि इस वर्ष गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना है। ऐसे में यदि तौल केंद्र बंद रहता है तो किसानों को दूरस्थ केंद्रों पर जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और परेशानी उठानी पड़ेगी। इससे कई किसान समर्थन मूल्य का लाभ लेने से भी वंचित रह सकते हैं।
अंत में उपखंड अधिकारी से मांग की गई है कि करावन के समर्थन मूल्य गेहूं तौल केंद्र को निरस्त करने के आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे पुनः बहाल किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।
एक नजर में
5 वर्ष पहले करावन में शुरू हुआ था तौल केंद्र
अब तक 1.30 लाख बैग गेहूं की तुलाई
करीब 5 हजार किसानों को मिला लाभ
इस वर्ष 700 से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन
किसानों की चिंता
इस साल गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार की संभावना
केंद्र बंद होने से दूर जाना पड़ेगा
बढ़ेगा आवागमन खर्च और समय
कई किसान समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले पाएंगे


