श
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष होली पर्व पारंपरिक आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार 2 मार्च 2026 को संध्या आरती के पश्चात मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 3 मार्च को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा।
संध्या आरती में हर्बल गुलाल व शक्कर माला अर्पित
2 मार्च को सायं आरती के दौरान सर्वप्रथम बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल एवं परंपरानुसार शक्कर की माला अर्पित की जाएगी। इसके बाद मंदिर परिसर में ओंकारेश्वर मंदिर के सामने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका पूजन कर दहन संपन्न होगा।
धुलंडी पर भस्मार्ती में गुलाल अर्पण
3 मार्च धुलंडी के दिन प्रातः 4 बजे होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्मार्ती में मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों द्वारा भगवान महाकाल को सर्वप्रथम हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही भक्तों में रंगोत्सव का आध्यात्मिक उल्लास छा जाएगा।
4 मार्च से आरती समय में होगा परिवर्तन
परंपरा अनुसार 04 मार्च 2026 (चैत्र कृष्ण प्रतिपदा) से अश्विन पूर्णिमा तक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर भगवान की आरतियों के समय में परिवर्तन रहेगा। नया समय इस प्रकार होगा—
प्रथम भस्मार्ती – प्रातः 04:00 से 06:00 बजे तक
द्वितीय दद्योदक आरती – प्रातः 07:00 से 07:45 बजे तक
तृतीय भोग आरती – प्रातः 10:00 से 10:45 बजे तक
चतुर्थ संध्या पूजन – सायं 05:00 से 05:45 बजे तक
पंचम संध्या आरती – सायं 07:00 से 07:45 बजे तक
शयन आरती – रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नए समयानुसार दर्शन व आरती में शामिल होने की अपील की है।
8 मार्च को निकलेगा ध्वज चल समारोह
08 मार्च 2026 को रंगपंचमी के अवसर पर परंपरानुसार बाबा महाकाल का भव्य ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा। इस दौरान उज्जैन नगरी भक्तिरस और रंगोत्सव के उत्साह में सराबोर नजर आएगी।
श्रद्धालुओं में होली पर्व को लेकर विशेष उत्साह है और देशभर से बड़ी संख्या में भक्तों के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहेगा ।

