कांग्रेस को 26 और भाजपा को 14 वोट मिले, अध्यक्ष चुनाव के बाद उपाध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस का कब्जा
भवानीमंडी। (जगदीश पोरवाल ) नगर पालिका उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विनय आस्तोलिया निर्वाचित हुए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अमित पाटनी को पराजित किया। चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में 26 तथा भाजपा के पक्ष में 14 मत पड़े। इस तरह अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद उपाध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा।
सोमवार को हुए नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की पिंकी गुर्जर ने भाजपा प्रत्याशी सुनीश दीक्षित को 12 मतों से हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया था। मंगलवार को उपाध्यक्ष चुनाव में भी लगभग यही राजनीतिक स्थिति देखने को मिली और कांग्रेस के 26 पार्षदों ने अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
दोनों प्रत्याशी लगातार तीसरी बार के पार्षद
उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे दोनों प्रत्याशियों का नगर पालिका की राजनीति में लंबा अनुभव है। कांग्रेस के विनय आस्तोलिया लगातार तीसरी बार पार्षद चुने गए हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी अमित पाटनी भी लगातार तीसरी बार नगर पालिका के पार्षद निर्वाचित हुए हैं।
वार्ड 37 बना खास संयोग
उपाध्यक्ष चुनाव में वार्ड नंबर 37 खास चर्चा में रहा। कांग्रेस से उपाध्यक्ष चुने गए विनय आस्तोलिया ने पिछला चुनाव वार्ड नंबर 37 से जीता था। इस बार भाजपा की ओर से उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे अमित पाटनी भी वार्ड नंबर 37 से ही पार्षद चुने गए हैं।
यानी जिस वार्ड से पिछली बार विनय आस्तोलिया पार्षद चुने गए थे, उसी वार्ड से इस बार उनके सामने उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के अमित पाटनी प्रत्याशी बने।
2015 में पिंकी-विनय पोरवाल की जोड़ी, 2026 में पिंकी-विनय आस्तोलिया
नगर पालिका की राजनीति में एक और दिलचस्प संयोग सामने आया है। वर्ष 2015 में पिंकी गुर्जर भाजपा की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष चुनी गई थीं। उस समय उनके साथ भाजपा के तत्कालीन मंडल अध्यक्ष विनय पोरवाल उपाध्यक्ष रहे थे।
वर्ष 2026 में राजनीतिक समीकरण बदल गए। इस बार पिंकी गुर्जर कांग्रेस की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष चुनी गईं और उनके साथ कांग्रेस के नगर अध्यक्ष विनय आस्तोलिया उपाध्यक्ष बने।
इस तरह दोनों चुनावों में अध्यक्ष के साथ ‘विनय’ नाम के उपाध्यक्ष की जोड़ी नगर पालिका में देखने को मिली।
विनय के उपाध्यक्ष बनने पर पति-पत्नी गले मिले,
नगर पालिका चुनाव में उपाध्यक्ष चुने गए विनय आस्तोलिया वार्ड नंबर 30 उम्मीदवार थे तथा उनकी पत्नी संगीता आस्तोलिया वार्ड नंबर 20 उम्मीदवार थी लेकिन चुनाव में उनकी पत्नी को हार का सामना करना पड़ा ,आज उपाध्यक्ष पद पर विनय चुने गए तो उनकी पत्नी नगर पालिका के सामने ही उनके गले से लिपट गई ।
उधर एक माह से चुनाव की तैयारी में लगे हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रोड सिंह परमार , रोड़सिंह कुंडीखेड़ा,हरीश रोझा ,चेतराज गहलोत ,लोकेश गुप्ता एडवोकेट ,बहादुर सिंह गुर्जर ,रामलाल गुर्जर,अनिल मीणा ,सलामत भाई चुनावी प्रक्रिया प्रारंभ हुई तब से ही चुनाव प्रक्रिया में लगे हुए थे ।
भाजपा के लिए चुनाव परिणामों के बाद आत्ममंथन की स्थिति
नगर पालिका चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण रहे। 40 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस के 26 पार्षद निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा को 13 वार्डों में जीत मिली। एक निर्दलीय पार्षद के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस के पास 27 पार्षदों का समर्थन हो गया।
भाजपा के कुछ पराजित प्रत्याशियों ने पार्टी के भीतर टिकट वितरण और स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच मतभेदों को अपनी हार के कारणों में शामिल बताया है। इन दावों के बीच भाजपा के लिए स्थानीय संगठन और टिकट वितरण को लेकर आत्ममंथन की स्थिति बनी है।
कांग्रेस में लगातार दूसरी बार बोर्ड बनने से उत्साह
दूसरी ओर कांग्रेस के लिए यह परिणाम लगातार दूसरी बार नगर पालिका में बोर्ड बनाने के रूप में सामने आया है। चुनाव के दौरान कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में एकजुटता दिखाई दी। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर का नामांकन से ठीक पहले पूरे परिवार के साथ कांग्रेस में शामिल होना भी चुनावी घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
नगर पालिका में कांग्रेस के 26 पार्षद चुने जाने के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद कांग्रेस के खाते में गए। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
कांग्रेस पार्षदों में नहीं हो सकी सेंधमारी
चुनाव परिणाम के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव तक कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों को एकजुट रखने पर भी पार्टी ने जोर दिया। प्रदेश के अन्य निकायों में पार्षदों के राजनीतिक पाला बदलने की चर्चाओं के बीच भवानीमंडी में कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद एकजुट नजर आए और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष दोनों चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में 26-26 मत पड़े।
वहीं भाजपा को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों चुनावों में 14 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार नगर पालिका की नई सत्ता संरचना में अध्यक्ष पिंकी गुर्जर और उपाध्यक्ष विनय आस्तोलिया की जोड़ी के साथ कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार नगर पालिका बोर्ड की कमान संभाल ली है।



