झालावाड़ पुलिस का बड़ा एक्शन: देह व्यापार के दलदल से 6 नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू

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पांच बालिकाओं के साथ बार-बार यौन शोषण के साक्ष्य मिले, दो बालिकाएं यौन संचारित रोग से पीड़ित; पीड़िताओं के परिजन और दलालों सहित पांच मुख्य आरोपी गिरफ्तार

भवानीमंडी। झालावाड़ पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं को देह व्यापार के दलदल में धकेलने वाले संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भवानीमंडी थाना क्षेत्र से छह नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पांच बालिकाओं के साथ बार-बार देह शोषण करवाए जाने के प्रमाण मिले हैं, जबकि एक अन्य बालिका के संबंध में अनुसंधान जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि रेस्क्यू की गई दो बालिकाएं यौन संचारित रोग (एसटीडी) से पीड़ित पाई गई हैं। मामले में पीड़ित बालिकाओं के परिजन, रिश्तेदार और दलालों सहित पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक गोपनीय परिवाद प्राप्त हुआ था। इसमें भवानीमंडी थाना क्षेत्र की कुछ बस्तियों में कथित रूप से परिवारों द्वारा अपनी ही नाबालिग बालिकाओं को जबरन देह व्यापार में धकेलने और दलालों के माध्यम से ग्राहकों से मोटी रकम वसूलने की शिकायत की गई थी। राष्ट्रीय समाचार पत्र की एक ग्राउंड रिपोर्ट में भी इस तरह की सामाजिक कुरीति से जुड़े तथ्य सामने आए थे।

डिकॉय ऑपरेशन से खुला नेटवर्क का राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक आयुष श्रोत्रिय (आईपीएस) के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया। पुलिस ने गोपनीय सूचना संकलन के साथ डिकॉय ऑपरेशन चलाया और स्पाई कैमरों के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य जुटाए। इस दौरान कथित दलालों और परिजनों द्वारा ग्राहकों से सौदेबाजी करने तथा कम उम्र की बच्चियों को उनके सामने पेश करने से जुड़े दृश्य रिकॉर्ड किए गए।
डिजिटल साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक पिड़ावा पूजा नागर, रायपुर थानाधिकारी मोहनलाल और जिला स्पेशल टीम प्रभारी विष्णुसिंह के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गईं।
100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने दी दबिश, छह बालिकाएं सुरक्षित
3 नवंबर 2026 को 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने चिन्हित डेरों पर एक साथ घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई में सादा वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। पुलिस ने मौके से छह नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। उनकी पहचान गोपनीय रखने के लिए परिवर्तित नामों का उपयोग किया गया है।

मेडिकल जांच में पांच बालिकाओं के शोषण की पुष्टि

पुलिस के अनुसार मेडिकल परीक्षण, तकनीकी साक्ष्य और अन्य अनुसंधानिक तथ्यों से पांच नाबालिग बालिकाओं के साथ बार-बार यौन शोषण किए जाने की पुष्टि हुई है। शेष एक बालिका के संबंध में जांच जारी है। वहीं दो बालिकाएं यौन संचारित रोग (एसटीडी) से पीड़ित पाई गई हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार और आवश्यक टीकाकरण शुरू करवाया गया है।

सभी बालिकाओं का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण करवाने के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेश पर उन्हें सुरक्षित आश्रय और संरक्षण के लिए बालिका गृह भेजा गया है।

पांच मुख्य आरोपी गिरफ्तार, तीन दिन के रिमांड पर

पुलिस ने मामले में पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में हीरा बाई (34), धापू बाई (35), रोडी बाई (32), छानमल (48) और पप्पू (22) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पीड़ित बालिकाओं के परिवारजन, निकट संबंधी और पड़ोसी बताए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पुलिस अन्य संलिप्त लोगों की तलाश में जुटी है।

एसआईटी गठित, पुनर्वास पर भी रहेगा जोर

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) गठित किया गया है। मामले का आगामी अनुसंधान भवानीमंडी वृत्ताधिकारी सत्यनारायण गोदारा को सौंपा गया है। पुलिस ने अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
प्रकरण में शीघ्र फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जयपुर विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक को अर्द्धशासकीय पत्र भी लिखा है।

सामाजिक कुरीति की आड़ में पीढ़ियों से शोषण का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुछ बस्तियों में कथित रूढ़िगत सामाजिक परंपराओं की आड़ में पीढ़ियों से देह व्यापार संचालित किए जाने की शिकायतें और तथ्य मिले हैं। कम उम्र की बालिकाओं को परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों द्वारा इस दलदल में धकेले जाने की बात सामने आई है। भय, सामाजिक दबाव और आर्थिक मजबूरियों के कारण बालिकाएं शोषण का विरोध नहीं कर पातीं और शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों से भी वंचित रह जाती हैं।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में भवानीमंडी वृत्ताधिकारी सत्यनारायण गोदारा, पिड़ावा वृत्ताधिकारी पूजा नागर, भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद कुमार, रायपुर थानाधिकारी मोहनलाल, पुलिस निरीक्षक विष्णुसिंह, जिला स्पेशल टीम के सुरेंद्र, साइबर टीम के बाबूलाल सहित पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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