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झालावाड़, 20 अगस्त। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों के आम चुनाव-2026 की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। इसी क्रम में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क के प्रावधानों के तहत निर्वाचन पैम्फलेट, पोस्टर एवं अन्य निर्वाचन सामग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार किसी भी निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण अथवा प्रकाशन तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक उस पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम तथा पता स्पष्ट रूप से अंकित न हो। निर्वाचन सामग्री के मुद्रण से पूर्व प्रकाशक द्वारा निर्धारित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। उक्त घोषणा प्रकाशक द्वारा हस्ताक्षरित तथा ऐसे दो व्यक्तियों द्वारा सत्यापित होगी, जो प्रकाशक को व्यक्तिगत रूप से जानते हों। मुद्रक द्वारा भी संबंधित घोषणा को प्रमाणित किया जाना आवश्यक है।
मुद्रित निर्वाचन सामग्री एवं घोषणा-पत्र की निर्धारित प्रतियां संबंधित रिटर्निंग अधिकारी (उपखंड मजिस्ट्रेट) को निर्धारित समयावधि में उपलब्ध करानी होंगी। मुद्रण के पश्चात संबंधित दस्तावेजों एवं निर्धारित प्रतियों को तीन दिवस के भीतर संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को भेजना सुनिश्चित किया जाएगा।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर से आशय ऐसे मुद्रित पर्चे, हैंडबिल, विज्ञापन या पोस्टर से है, जो किसी अभ्यर्थी अथवा अभ्यर्थियों के समूह के निर्वाचन को प्रोत्साहित करने अथवा उसके पक्ष या विपक्ष में प्रचार करने के उद्देश्य से वितरित किए जाते हैं। निर्वाचन से संबंधित ऐसी सामग्री में निर्वाचन सभा की तिथि, समय एवं स्थान अथवा निर्वाचन अधिकारियों/कार्यकर्ताओं को सामान्य निर्देश देने संबंधी सामग्री भी शामिल हो सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के सभी मुद्रणालयों को निर्देशित किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। किसी भी निर्वाचन पैम्फलेट, पोस्टर अथवा अन्य प्रचार सामग्री का मुद्रण शुरू करने से पूर्व निर्धारित घोषणा-पत्र एवं प्रमाणन की प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
निर्देशों की अवहेलना अथवा कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित मुद्रणालय के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यक होने पर मुद्रणालय के अनुज्ञापत्र को निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान इन प्रावधानों एवं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करें। कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
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