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भवानीमंडी (जगदीश पोरवाल)। कन्हैयालाल मिथलेश चतुर्वेदी जन सेवा संस्थान एवं राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, भवानीमंडी के संयुक्त तत्वावधान में पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर बच्चों के लिए नि:शुल्क स्वर्ण प्राशन शिविर का आयोजन सोमवार को किया गया जिसमें 264 बच्चों को दवा पिलाई गई । यह शिविर सुबह 9:00 बजे से 4:00 बजे तक राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय (नई सब्जी मंडी के पास), भवानीमंडी में आयोजित किया गया था ।
आयुर्वेद शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कौशल कुमार सामरिया (MD Pediatrics-आयुर्वेद) डॉ मनीष नागर, डॉक्टर विपिन यादव ,डॉक्टर हेमलता चौहान ,डॉक्टर रेखा गुप्ता, डॉक्टर विशाल द्वारा 6 माह से 18 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्ण प्राशन की दवा पिलाई ।
क्या है स्वर्ण प्राशन और इसके लाभ
आयुर्वेदिक इम्युनाइजेशन के रूप में जाना जाने वाला यह योग शुद्ध स्वर्ण, मधु (शहद), घृत (घी) एवं अन्य औषधियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता: बीमारियों (सर्दी, खांसी, एलर्जी) से बचाव और इम्यूनिटी बढ़ाता है।
मानसिक व शारीरिक विकास: बच्चों की बुद्धि, याददाश्त और शारीरिक शक्ति (स्टैमिना) में वृद्धि करता है।
पाचन एवं त्वचा: पाचन क्रिया को दुरुस्त कर भूख बढ़ाता है तथा त्वचा में कांति लाता है।
यह नि:शुल्क प्राशन शिविर डाबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, श्री राम आयुर्वेदिक स्टोर (प्रेम प्रकाश चतुर्वेदी, तुषार चतुर्वेदी) के सौजन्य से आयोजित किया गया था,जिसमें 264 बच्चों को दवा पिलाई गई ।

