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झालावाड़। ( जगदीश पोरवाल ) जिला प्रशासन की जनहितकारी पहल के तहत जिले भर के 53 गांवों में शमशान हेतु भूमि आरक्षित की गई है, जिसमें सर्वाधिक लाभ पचपहाड़ तहसील को मिला है। ग्राम पंचायतों की लंबे समय से चली आ रही मांग और आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है।
पचपहाड़ तहसील के अकेले 35 गांवों में शमशान हेतु भूमि आरक्षित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर है। वर्षों से महसूस की जा रही शमशान भूमि की कमी दूर होने से अब ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित एवं समुचित स्थान की स्थायी सुविधा मिलेगी।
पचपहाड़ का दबदबा, अन्य तहसीलों को भी मिला लाभ
जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची में पचपहाड़ तहसील का विशेष जोर रहा है, जहां सबसे ज्यादा 35 गांवों को इस योजना से सीधा लाभ पहुंचाया गया है। इसके अलावा जिले की अन्य तहसीलों में:
- पिड़ावा: 3 गांव
- सुनेल: 4 गांव
- खानपुर: 2 गांव
- बकानी: 2 गांव
- मनोहरथाना: 3 गांव
- गंगधार: 2 गांव
- डग: 2 गांव
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनहित के ऐसे मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि ग्रामीणों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पचपहाड़ तहसील सहित पूरे जिले के 53 गांवों के निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे एक राहत भरा फैसला बताया है।
नोट – चित्र AI द्वारा बनाया गया काल्पनिक है ।

