खाद के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइनें, अब घर बैठे मोबाइल ऐप से होगी बुकिंग

झालावाड़, 17 अगस्त। ( जगदीश पोरवाल )किसानों को यूरिया एवं अन्य उर्वरकों के लिए खाद वितरण केन्द्रों के चक्कर काटने तथा लंबी कतारों से राहत दिलाने की दिशा में कृषि विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा ‘एफएफएस’ (फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल) मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन खाद बुकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत किसान घर बैठे मोबाइल से ऐप पर अपनी पसंद की नजदीकी दुकान चुनकर खाद प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि विभाग द्वारा नई ऑनलाइन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक के उर्वरक विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक खानपुर, अकलेरा, मनोहरथाना, असनावर एवं झालरापाटन क्षेत्र के 400 से अधिक उर्वरक विक्रेताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

फार्म आईडी के आधार पर मिलेगी खाद

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि किसान की जमीन एवं फसल के रिकॉर्ड फार्म आईडी के आधार पर ऐप स्वयं बताएगा कि किसान को कौन-सा खाद एवं किस मात्रा में लेना चाहिए। इससे अनावश्यक खरीद पर रोक लगेगी और खाद की कालाबाजारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल स्टॉक दर्ज रहने से कृषि विभाग को खाद की उपलब्धता का सटीक आकलन करने में भी सहायता मिलेगी। विभाग द्वारा भविष्य में खाद की होम डिलीवरी मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य 15 अगस्त के बाद इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने का है, जिसके लिए तकनीकी प्रक्रिया जारी है।

झालावाड़ में 614 दुकानें ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ीं

जिले में वर्तमान में 710 खाद-बीज दुकानों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जा चुका है, जिनमें से 614 दुकानें ऑनलाइन जुड़ी हुई हैं। ऐप पर दुकानों की वास्तविक उपलब्धता, स्टॉक एवं खाद के प्रकार की जानकारी लाइव प्रदर्शित होगी। सहकारी समितियां भी पंजीकृत हैं, जिनमें खाद उपलब्ध रहेगा। जिन किसानों को मोबाइल चलाने में समस्या है, वे मित्रों की सहायता से भी खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।

लाइन से मिलेगी मुक्ति, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रहेगा पूरा रिकॉर्ड

नई व्यवस्था के माध्यम से खाद की बुकिंग, स्टॉक एवं वितरण का पूरा रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। इसका उद्देश्य व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाना तथा किसानों को घंटों कतार में लगने से राहत प्रदान करना है। किसान ऐप के माध्यम से नजदीकी उपलब्ध दुकान एवं खाद की जानकारी प्राप्त कर अपनी सुविधा के अनुसार बुकिंग कर सकेंगे।

एफएफएस’ से वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरक उपलब्धता में मिलेगी मदद

‘एफएफएस’ मोबाइल ऐप व्यवस्था से किसानों को उनकी फसल एवं भूमि के प्रकार के आधार पर वैज्ञानिक सिफारिश के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इससे उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों द्वारा अंधाधुंध उर्वरक उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

2.18 लाख किसानों की फार्म आईडी तैयार

डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 2 लाख 18 हजार किसानों की फार्म आईडी बन चुकी है। शेष किसानों से भी अपनी फार्म आईडी शीघ्र बनवाने की अपील की गई है। फार्म आईडी भविष्य में खाद बुकिंग के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एवं कृषि संबंधी सेवाएं प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होगी ।

नोट- चित्र AI द्वारा बनाया गया काल्पनिक है ।

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