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अनुकंपा प्रकरण में विशेष प्रयासों से मिली नियमों में छूट, आत्मनिर्भरता की नई राह और हजारों परिवारों की सेवा का अवसर
झालावाड़, ( जगदीश पोरवाल ) 11 अगस्त। यदि किसी अधिकारी में काम करने की इच्छा और लगन हो तो वह किसी का भी भविष्य संवार सकता है , इसका उदाहरण झालावाड़ में जिला कलेक्टर की पहल पर देखने को मिला ,कभी भविष्य को लेकर असमंजस में खड़ी एक युवा बेटी आज सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जिम्मेदारी संभाल रही है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की विशेष पहल और व्यक्तिगत प्रयासों ने 20 वर्षीय सुश्री निकिता झाला के जीवन को नई दिशा दी है।
अनुकंपा प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कर सक्षम स्तर से विशेष छूट प्राप्त करवाने के बाद उन्हें उचित मूल्य दुकान संचालन का प्राधिकार पत्र जारी किया गया। इसके साथ ही निकिता झाला झालावाड़ जिले की सबसे कम उम्र की महिला उचित मूल्य दुकानदार बन गई हैं।
जिला कलक्टर की पहल बनी बदलाव की वजह
अनुकंपा नियुक्ति के अंतर्गत उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए निर्धारित आयु एवं संबंधित नियमों के कारण यह प्रकरण विशेष था। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मामले को प्राथमिकता देते हुए व्यक्तिगत रुचि के साथ संबंधित अधिकारियों एवं सक्षम स्तर पर समन्वय स्थापित किया। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आवश्यक विशेष छूट प्राप्त हुई और निकिता झाला को उचित मूल्य दुकान संचालन की अनुमति मिल सकी।
युवा बेटी को मिला जनसेवा का दायित्व
मात्र 20 वर्ष की आयु में सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। अब निकिता झाला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रावधानों के अनुरूप पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न का नियमित, पारदर्शी और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करेंगी।
उनकी यह जिम्मेदारी केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि समाज के हजारों जरूरतमंद परिवारों की सेवा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दायित्व भी है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का नियमित एवं पारदर्शी वितरण किया जा रहा है। महिला एवं युवा उचित मूल्य दुकानदारों की बढ़ती भागीदारी से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी।
प्रशासन की प्रतिबद्धता का उदाहरण
जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण, युवाओं को अवसर प्रदान करने, आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। निकिता झाला की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह साबित करती है कि संवेदनशील प्रशासन और सकारात्मक पहल से एक बेटी का भविष्य बदला जा सकता है और समाज के लिए प्रेरणा की नई कहानी लिखी जा सकती है।

