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कोटा/भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )अत्याधुनिक तकनीक, अधिकारियों की मुस्तैदी और मजबूत टीम वर्क के दम पर पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने भारतीय रेलवे में समयपालनता (Punctuality) का नया मानदंड स्थापित किया है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में कोटा मंडल ने 08 अगस्त 2026 को सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का 100 प्रतिशत सटीक संचालन कर देश के समस्त रेल मंडलों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह 5वां अवसर है जब कोटा मंडल ने शत-प्रतिशत समयपालनता दर्ज की है। इससे पूर्व 04 मई, 05 मई, 27 मई और 29 जून को भी यह उपलब्धि हासिल की गई थी। उल्लेखनीय है कि 04 मई के बाद, 08 अगस्त को इस चालू वित्तीय वर्ष में दूसरी बार कोटा मंडल ने संपूर्ण भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है।
सटीक समन्वय और मुस्तैद निगरानी का परिणाम
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन के अनुसार, यह उपलब्धि कंट्रोल रूम से लेकर ग्राउंड लेवल तक कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच सटीक तालमेल और 24 घंटे की जा रही मुस्तैद निगरानी का परिणाम है।
ब्लैकबोर्ड के इंतजार से डिजिटल सटीकता तक का बदलाव
एक समय था जब स्टेशनों पर ब्लैकबोर्ड पर चाक से ट्रेनों की देरी के समय बदले जाते थे और यात्री घंटों प्लेटफॉर्म पर बैठने को मजबूर रहते थे। आज रेलवे का पूरा ढांचा हाईटेक हो चुका है:
- लाइव ट्रैकिंग: सोशल मीडिया और जीपीएस तकनीक से यात्री अब ट्रेन की लाइव लोकेशन देखकर ही घर से निकलते हैं।
- केंद्रीय निगरानी: रेलवे बोर्ड स्तर से हर ट्रेन की पल-पल की मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे अनावश्यक देरी की गुंजाइश खत्म हो गई है।
कोटा मंडल की यह निरंतर सफलता यात्रियों को अधिक समयबद्ध, सुरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

