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महिला नेता कैलाशी बाई व किसान नेता लक्ष्मण सिंह लूनाखेड़ा आमरण अनशन पर बैठे ।
भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) उपखंड के गुराडिया जोगा गांव में 14 जुलाई की रात किसान आयुष पाटीदार के खेत पर अज्ञात बदमाशों द्वारा करीब 3000 पपीते के पौधे काट देने के मामले में किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज किसान भवानीमंडी उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। सोमवार को धरने का चौथा दिन था, जहां किसानों ने मांगों के समर्थन में आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
20 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
पीड़ित किसान आयुष पाटीदार ने 15 जुलाई को मिश्रौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और इसके बाद झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को भी सूचित किया गया था। कार्रवाई में देरी से गुस्साए किसानों ने पूर्व में मुख्य सड़क पर चक्का जाम किया था, जिस पर पुलिस उपाधीक्षक सतनारायण गोदारा ने 10 दिन में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया था। मियाद पूरी होने के बाद 31 जुलाई से किसान उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर मैदान में धरने पर बैठ गए।
धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता लक्ष्मण सिंह लूनाखेड़ा और बंटी हाड़ा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस एनडीपीएस मामलों में तो त्वरित कार्रवाई करती है, लेकिन इस मामले में 20 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों को पकड़ने में विफल रही है।
सैकड़ो किसान और महिलाएं जुटीं,
सोमवार को धरना स्थल पर सैकड़ो किसान उपस्थित रहे और जमकर नारेबाजी की। किसान धरना स्थल पर ही खाना बनाकर खा रहे हैं। रात में भजन-कीर्तन का दौर चलता है, वहीं सोमवार को करीब 60-70 महिलाओं ने भी भजन-कीर्तन में भाग लिया। गुराडिया जोगा की महिला किसान नेता कैलाशी बाई भी सोमवार से आमरण अनशन पर बैठ गई हैं।
50 से 70 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान
किसान नेता लूनाखेड़ा ने बताया कि पीड़ित किसान आयुष पाटीदार के सिर से हाल ही में उनके पिता और दादा का साया उठा है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से करीब 10 लाख रुपये खर्च कर 3000 से 3500 पपीते के पौधे लगाए थे। अब ये पौधे फल देने वाले थे और इनकी अनुमानित कीमत 50 से 70 लाख रुपये हो चुकी थी। इतना बड़ा नुकसान किसी किसान के लिए सहना नामुमकिन है।
एसडीम ने की समझाइश, उच्च अधिकारियों से वार्ता पर अड़े किसान
धरना स्थल पर पहुंचीं उपखंड अधिकारी (SDM) श्रद्धा गोमे ने किसानों को आश्वासन दिया कि मामला पहले दिन से उनके संज्ञान में है और पुलिस मुस्तैदी से जांच कर रही है। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त करने का आह्वान किया, लेकिन किसानों ने इसे ठुकरा दिया। किसान नेता लूनाखेड़ा ने स्पष्ट किया कि अब वे किसी निचले अधिकारी को ज्ञापन नहीं देंगे और केवल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) या पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के अधिकारी से ही वार्ता करेंगे।
खराब सड़कों को लेकर टोल न देने की अपील
किसान नेता लूनाखेड़ा ने डग क्षेत्र के उन्हेल नागेश्वर से झालावाड़ जिला मुख्यालय तक की जर्जर सड़क को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने क्षेत्र के किसानों व आमजन से अपील की कि जब तक सड़क की स्थिति ठीक नहीं होती, तब तक कोई भी टोल नाकों पर टोल टैक्स न दे। साथ ही उपखंड अधिकारी से भी इस संदर्भ में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने का आग्रह किया।
किसानों से चर्चा करते हुए उपखंड अधिकारी श्रद्धा गोमे
प्रदर्शन करते किसान व महिलाएं


