— प्रशासन मौन: सामाजिक कार्यकर्ता अभय कुमार जैन ने जताया आक्रोश, दर्जनों पत्र लिखने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
भवानीमंडी (जगदीश पोरवाल )
बैंक ऑफ बड़ौदा (बारह दुकान चौराहा) के पास शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दो सांड (नंदी) आपस में बुरी तरह भिड़ गए। सांडों की इस हिंसक लड़ाई को देखकर कुछ देर के लिए पूरे बाजार में सन्नाटा पसर गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस दौरान वहीं सड़क पर खड़ी 5 से अधिक मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और राहगीर बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस घटना के बाद से क्षेत्र के व्यापारियों, महिलाओं और बच्चों में गहरा खौफ व्याप्त है।
पूरे शहर में आवारा सांडों ( नंदी ) का आतंक
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि भवानीमंडी के मुख्य बाजारों में हर समय दर्जनों आवारा सांड घूमते रहते हैं। ये कभी भी आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। आए दिन हो रही इन सांडों की लड़ाई से महिलाएं और बच्चे काफी खोपजदा है ।
प्रशासन की उपेक्षा से स्थानीय लोगों में गुस्सा
सामाजिक कार्यकर्ता अभय कुमार जैन ने इस गंभीर समस्या पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा:
“मैंने इस समस्या के स्थायी समाधान और नंदीशाला भिजवाने के लिए नगरपालिका प्रशासन को पचास से अधिक पत्र लिखे हैं। इसके अलावा एसडीएम कार्यालय और क्षेत्रीय विधायक को भी दो-तीन बार लिखित में अवगत कराया जा चुका है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी हादसों का इंतजार कर रहे हैं। कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।”

