भवानीमंडी/मंदसौर:
मंदसौर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ के तहत गरोठ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सीमा पार राजस्थान के भवानीमंडी क्षेत्र के तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़े गए तस्करों के कब्जे से 70.4 ग्राम जहरीला एम.डी. ड्रग्स, 4 किलोग्राम डोडाचूरा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक व आईफोन जप्त किया गया है।
8 लेन पुलिया के नीचे घेराबंदी कर दबोचा
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम सनेही मिश्रा व एसडीओपी विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में गरोठ थाना प्रभारी (उनि) बलवीर सिंह यादव की टीम नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
इसी दौरान उपनिरीक्षक बालमुकुंद परमार को सटीक मुखबिर सूचना मिली। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शामगढ़-गरोठ रोड पर स्थित 8 लेन पुलिया के नीचे दबिश दी। वहां काले रंग की स्प्लेंडर प्लस बाइक (नंबर RJ17 DS 0976) पर सवार तस्कर तस्लीम उर्फ फैजान (निवासी: गरीब नवाज कॉलोनी, भवानीमंडी, जिला झालावाड़, राजस्थान) को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
भवानीमंडी के तस्करों का नेटवर्क आया सामने
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में भवानीमंडी के इस तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ:
सप्लाई का कनेक्शन: गिरफ्तार आरोपी तस्लीम उर्फ फैजान ने कुबूल किया कि वह यह मादक पदार्थ दुर्गेश (निवासी रतनपुरा, डग, झालावाड़) से लेकर आया था।
भवानीमंडी में होनी थी डिलीवरी: यह खेप भवानीमंडी की ही गरीब नवाज कॉलोनी के रहने वाले सरफराज पिता शहजाद खान को दी जानी थी।
दूसरी गिरफ्तारी: तस्लीम का सुराग मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी सरफराज को भी गिरफ्तार कर लिया।
फरार आरोपी: माल मुहैया कराने वाला मुख्य आरोपी दुर्गेश (रतनपुरा, डग) फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
जप्त मशरूका (कुल कीमत करीब 2.03 लाख रुपये)
| एम.डी. ड्रग्स | 70.4 ग्राम | ₹70,000 |
| अवैध डोडाचूरा | 04 किलोग्राम | ₹8,000 |
| स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल | RJ17 DS 0976 | ₹75,000 |
| एप्पल (iPhone) मोबाइल | 01 नग | ₹50,000 |
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
राजस्थान सीमा से सटे क्षेत्रों में भवानीमंडी के तस्करों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में गरोठ थाना प्रभारी उनि बलवीर सिंह यादव, सउनि बालमुकुंद परमार एवं उनकी पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।

