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झालावाड़। ( जगदीश पोरवाल ) जिले में दलहन (दाल) उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से ‘आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयों की स्थापना पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। योजना के तहत पात्र आवेदकों को परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
प्रसंस्करण और पैकेजिंग पर 25 लाख रुपये तक की राहत
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में दलहन प्रसंस्करण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए यह योजना लागू की गई है। इसके तहत न्यूनतम 300 किलोग्राम प्रति घंटा क्षमता वाली दाल मिल की स्थापना पर मशीनरी, उपकरण, भवन, गोदाम और भंडारण पर होने वाले व्यय के लिए 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग, विपणन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कौन-कौन हैं पात्र?
योजना का लाभ निम्नलिखित संस्थाओं और व्यक्तियों को दिया जाएगा:
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- क्लस्टर लेवल फेडरेशन
- प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां
- 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र व्यक्तिगत आवेदक
ध्यान दें: योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते आवेदन जमा कर सकते हैं।
तेल निष्कर्षण इकाइयों पर भी 9.90 लाख का अनुदान
कृषि विभाग द्वारा 10 टन क्षमता की तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना पर भी अनुदान दिया जा रहा है। इसमें मशीनरी एवं उपकरणों पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। इसका लाभ सरकारी व निजी उद्यमों, एफपीओ, सहकारी समितियों और पात्र व्यक्तिगत आवेदकों को मिलेगा।
