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भवानीमंडी (झालावाड़)।
साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ झालावाड़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। भवानीमंडी थाना पुलिस ने विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए पिछले 3 महीनों से फरार चल रहे म्युल (Mule) बैंक खाताधारक चिराग मीणा उर्फ चिंटू मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
झालावाड़ जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्युल हंटर’ के तहत भवानीमंडी पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी। तकनीकी विश्लेषण और जांच में सामने आया कि आरोपी चिराग मीणा के साथ-साथ अन्य लोग फर्जी/म्युल बैंक खातों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
ललीत राणा (पुत्र दिनेश जाति लोहार, निवासी रामनगर भवानीमंडी) के एसबीआई बैंक खाते में साइबर फ्रॉड की राशि पाई गई थी। जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की, जिसमें चिराग मीणा की संलिप्तता पाई गई। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 318(4), 316(2) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज है।
3 महीने से चकमा दे रहा था आरोपी
एसपी अमित कुमार, एएसपी भागचंद मीणा और वृत्ताधिकारी (RPS) सत्यनारायण गोदारा के निकटतम पर्यवेक्षण में भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आसूचना और तकनीकी साइबर विश्लेषण के जरिए 3 महीने से फरार चल रहे 21 वर्षीय आरोपी को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
नाम: चिराग मीणा उर्फ चिंटू मीणा (उम्र 21 वर्ष)
पिता का नाम: छोटू लाल मीणा
पता: श्रीराम कॉलोनी, वार्ड नंबर-22, भवानीमंडी, जिला-झालावाड़ (राज.)
पुलिस टीम (कार्रवाई करने वाली टीम)
श्री प्रमोद कुमार (पु.नि. थानाधिकारी, भवानीमंडी)
श्री तेजेन्द्र सिंह (कांस्टेबल 1379)
श्री हरिराम सैनी (कांस्टेबल 1258)
श्री महेश कुमार (कांस्टेबल 1380)
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, या ओटीपी किसी अन्य अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किराए या पैसों के लालच में अपने बैंक खाते का इस्तेमाल दूसरों को न करने दें, ऐसा करना साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।

