श्री राधेश्याम मंदिर मामले में आज शाम मंडी व्यापारियों की अहम बैठक, उपनियमों और आगामी कानूनी कार्रवाई पर होगी चर्चा



भवानीमंडी, 30 जून। कृषि उपज मंडी स्थित श्री राधेश्याम मंदिर की दुकान बिक्री को लेकर पिछले करीब डेढ़ महीने से चल रहा विवाद अब गरमाता जा रहा है। इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले को लेकर आज कृषि उपज मंडी के व्यापारियों द्वारा एक आवश्यक बैठक बुलाई गई है। ग्रेन एंड स्वीट्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदीप सालेचा ने सभी व्यापारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजकर आज शाम इस बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आह्वान किया है।

शाम 6 बजे एसोसिएशन हॉल में जुटेगे व्यापारी

मंडी अध्यक्ष सुदीप सालेचा द्वारा जारी सूचना के अनुसार, समस्त व्यापारी बंधुओं की यह बैठक आज दिनांक 30 जून, मंगलवार को सायं 6:00 बजे मंडी के एसोसिएशन हॉल में आयोजित की जाएगी। बैठक का मुख्य एजेंडा “राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट मामले में आगामी रूपरेखा तय करना” है। अध्यक्ष ने बताया कि इस बैठक में सभी व्यापारियों की आम सहमति और निर्णय के आधार पर ही मंदिर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।

स्वर्गीय लालचंद जी गुप्ता के कार्यकाल के उपनियम बने आधार

इस पूरे विवाद के बीच, राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय लालचंद जी गुप्ता के कार्यकाल के दौरान देवस्थान विभाग को सौंपे गए ट्रस्ट के मूल उपनियम (बाय-लॉज) सामने आए हैं। दस्तावेज़ों के अनुसार, उपनियम संख्या 16 में स्पष्ट रूप से ‘नागरिक’ और ट्रस्ट की सदस्यता की पात्रता को परिभाषित किया गया है।

दस्तावेज़ के मुताबिक:
“नागरिक शब्द जहां भी उपनियमों में प्रयोग हुआ है, उसका तात्पर्य कृषि उपज मंडी में जिंसों का व्यापार करने वाले सभी कच्चे-पक्के आढ़तिये से है, जिन्होंने पूर्व में उक्त व्यापार किया हो, वर्तमान में करते हों या भविष्य में करेंगे, एवं मंदिर को अंशदान दिया हो, देते हैं और देते रहेंगे।”


मंडी के व्यापारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य, पदाधिकारी या अध्यक्ष केवल वही व्यक्ति बन सकता है जो मंडी का अधिकृत व्यापारी (कच्चा/पक्का आढ़तिया) रहा हो और जिसने मंदिर में अंशदान दिया हो। वर्तमान में चल रहे दुकान बिक्री के घटनाक्रम और ट्रस्ट की गतिविधियों में इन मूल नियमों की कथित अनदेखी को लेकर व्यापारियों द्वारा चर्चा की जाएगी । इसी कानूनी और पारंपरिक नियमों को आधार बनाकर पहली बार कृषि मंडी व्यापारी वर्ग अब एकजुट हो रहा है ताकि मंदिर की संपत्ति और व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
आज शाम होने वाली इस बैठक पर पूरे क्षेत्र के व्यापारिक और सामाजिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यहां से इस विवाद को लेकर एक बड़ा कानूनी मोड़ आने की संभावना है।

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