भवानीमंडी। शहर के वरिष्ठ समाजसेवी और श्री गोपाल गौशाला के संरक्षक ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने अपनी 40वीं वैवाहिक वर्षगांठ के मौके पर गौसेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने इस शुभ अवसर पर श्री गोपाल गौशाला में ‘तुलादान मंडप’ के निर्माण के लिए ₹1,11,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
तुलादान परंपरा को मिलेगा स्थायी स्वरूप
उल्लेखनीय है कि भवानीमंडी की श्री गोपाल गौशाला में लगभग दो साल पहले ओमप्रकाश चतुर्वेदी की प्रेरणा से ही तुलादान की परंपरा की शुरुआत हुई थी। आज यह परंपरा स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र बन चुकी है। दिनों-दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित व स्थायी रूप देने के उद्देश्य से ही अब यहाँ एक भव्य तुलादान मंडप का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिए चतुर्वेदी ने यह सहयोग राशि घोषित की है।
स्थापना काल से ही जुड़े हैं चतुर्वेदी
गौशाला प्रबंधन के अनुसार, ओमप्रकाश चतुर्वेदी का इस संस्था से जुड़ाव इसके स्थापना काल से ही रहा है। उन्होंने हमेशा तन, मन और धन से गौमाता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान दिया है। इससे पहले भी उनके आर्थिक सहयोग से गौशाला परिसर में एक कुएँ का निर्माण और भव्य गोपाल मंदिर का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।
गौशाला समिति ने जताया आभार
इस सराहनीय कदम पर गौशाला के संरक्षकों और पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। आभार जताने वालों में संरक्षक कमल सुरेका, यशवंत जैन, अध्यक्ष अमित तिवारी, प्रकाश गुप्ता, मंदिर प्रबंधक गोविंद भराड़िया, वैभव अचोलिया, उमाशंकर पोरवाल, डी. के. गुप्ता, जितेंद्र गर्ग, हेमंत सोनी और यश नाहर सहित कई सदस्य शामिल रहे।
”श्री ओमप्रकाश जी का यह सतत सहयोग समाज के लिए बेहद प्रेरणादायी है। यह राशि केवल एक दान नहीं, बल्कि गौसेवा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक है।”
— गौशाला समिति सदस्य
समिति के सभी सदस्यों ने चतुर्वेदी दंपत्ति के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखमय दांपत्य जीवन की मंगलकामना की।

