भवानीमंडी। भारत विकास परिषद द्वारा संगठन के संस्थापक डॉ. सूरज प्रकाश के 106वें जन्मदिवस के अवसर पर प्रांतीय स्तर पर संचालित ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि उपज मंडी प्रांगण में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा एवं नशा मुक्ति शिविर का सफल आयोजन किया गया।
परिषद के मीडिया प्रभारी कमलेश गुप्ता दलाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भवानीमंडी पुलिस वृत निरीक्षक (थानाधिकारी) प्रमोद कुमार, परिषद के क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव कमल सुरेका, प्रांतीय सड़क सुरक्षा एवं नशा मुक्ति प्रकल्प प्रभारी हेमराज शर्मा तथा शाखा अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता सहित उपस्थित परिषद सदस्यों और पुलिस स्टाफ द्वारा नशा मुक्ति की शपथ के साथ किया गया।
सामाजिक संगठनों का सहयोग सराहनीय: थानाधिकारी
मुख्य अतिथि थानाधिकारी प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे पर लगाम लगाना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे गंभीर विषयों पर सामाजिक संगठनों का आगे आना प्रशासन के लिए बेहद सहयोगी और सराहनीय कदम है।
देश का सबसे बड़ा समाजसेवी संगठन है भाविप
क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव कमल सुरेका ने परिषद की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत विकास परिषद वर्तमान में 70 हजार से अधिक सदस्यों के साथ देश का सबसे बड़ा समाजसेवी संगठन है। वहीं, प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी हेमराज शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और नशा मुक्ति शिविर की वर्तमान समय में आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी।
300 लोगों ने ली शपथ, वाहनों पर लगी रिफ्लेक्टर टेप
शिविर के दौरान कृषि मंडी में उपस्थित 300 से अधिक किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने जीवन में कभी नशा न करने की सामूहिक प्रतिज्ञा की। इसके साथ ही, यातायात सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मंडी प्रांगण और सड़क से गुजरने वाले 230 से अधिक ट्रैक्टरों, ऑटो एवं लोडिंग वाहनों पर रेडियम (रिफ्लेक्टर) स्टीकर लगाए गए, ताकि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके। वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक भी किया गया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन सचिव संदीप राठौर ने किया तथा अंत में शाखा अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शाखा संरक्षक गोविंद भराडिया, कोषाध्यक्ष सुमित सिंह छाबड़ा, डीके गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा, श्याम चौधरी, दामोदर शुक्ला, उमाशंकर पोरवाल सहित परिषद के अनेक सदस्य और पुलिस विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।

