द
जगदीश पोरवाल ( जनसंदेश )
कोटा।दिव्यांग रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुगम, सुलभ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल की है। कोटा रेल मंडल ने इसके लिए एक समाजसेवी संस्था ‘लाल बहादुर शास्त्री शिक्षा समिति’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत कोटा रेलवे स्टेशन पर विशेष रूप से दिव्यांगजन ही अन्य दिव्यांग यात्रियों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेंगे।
जुलाई से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस एमओयू के तहत संस्था द्वारा नामित एक दिव्यांगजन कोटा रेलवे स्टेशन पर तैनात रहेगा। यह व्यवस्था आगामी जुलाई (2026) से एक पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक तौर पर) के रूप में शुरू की जा रही है।
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं:
आवश्यक मार्गदर्शन: स्टेशन पर आने वाले दिव्यांग यात्रियों को प्लेटफॉर्म, ट्रेन और अन्य सुविधाओं की सही जानकारी मिलेगी।
व्हीलचेयर की उपलब्धता: यात्रियों को समय पर व्हीलचेयर सुविधा दिलाने में मदद की जाएगी।
सुविधाओं तक सुगम पहुंच: स्टेशन परिसर में बनी विभिन्न यात्री सुविधाओं तक पहुंचने में सहायता मिलेगी।
रोजगार और समावेशिता का अनूठा संगम:
इस पहल का दोहरा फायदा है। इससे जहां एक तरफ दिव्यांग यात्रियों को बेहतर और संवेदनशीलता के साथ सहायता मिल सकेगी, वहीं दूसरी तरफ समाज के दिव्यांग भाई-बहनों को सार्थक सेवा और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जा सकेगा।
सफल रहा तो बनेगा ‘दिव्यांगजन सहायता बूथ’
श्री सौरभ जैन ने आगे बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल संचालन और यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक (प्रतिक्रिया) के आधार पर भविष्य में कोटा रेलवे स्टेशन पर एक समर्पित “दिव्यांगजन सहायता बूथ” स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो कोटा मंडल के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
रेल प्रशासन को पूरा भरोसा है कि यह कदम रेलवे की सेवाओं को और अधिक समावेशी तथा दिव्यांग अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

