झालावाड़ जिले में बाढ़ से निपटने की तैयारियां: प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद्यान्न का रिजर्व स्टॉक रखने के दिए सख्त निर्देश

झालावाड़, 24 जून।

मानसून के दौरान अतिवृष्टि और संभावित बाढ़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए झालावाड़ जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आपदा के समय आमजन को आवश्यक वस्तुओं की किल्लत न हो और निर्बाध आपूर्ति बनी रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त रिजर्व स्टॉक सुरक्षित रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

​जिला रसद अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बताया कि जयपुर के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आदेशों की पालना में यह कदम उठाया गया है। इसके तहत ‘राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश’ और ‘राजस्थान पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स लाइसेंसिंग एंड कंट्रोल ऑर्डर, 1990’ के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के सभी थोक विक्रेताओं, पेट्रोल पंप संचालकों और गैस एजेंसियों को पाबंद किया गया है।

​प्रमुख निर्देश और रिजर्व स्टॉक की सीमाएं

​प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार 30 सितम्बर 2026 तक निम्नलिखित रिजर्व स्टॉक बनाए रखना अनिवार्य होगा:

  • पेट्रोल पंप: सभी पेट्रोल पंपों पर ‘डेड स्टॉक’ (न्यूनतम आवश्यक स्टॉक) के अतिरिक्त 2,000 लीटर डीजल और 500 लीटर पेट्रोल हमेशा रिजर्व रखना होगा।
  • गैस एजेंसियां: प्रत्येक रसोई गैस एजेंसी को अपने पास कम से कम 50 गैस सिलेंडर का बफर स्टॉक सुरक्षित रखना होगा।
  • खाद्यान्न एवं राशन: खाद्यान्न के थोक विक्रेताओं और उचित मूल्य (राशन) के दुकानदारों को भी पर्याप्त मात्रा में गेहूं व अन्य आवश्यक खाद्यान्न का रिजर्व स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है।

​केवल प्रशासनिक अनुमति पर ही होगा स्टॉक का उपयोग

​इस सुरक्षित रिजर्व स्टॉक का उपयोग आम दिनों में नहीं किया जा सकेगा। आपात स्थिति में जिला मुख्यालय (तहसील झालरापाटन सहित) पर जिला रसद अधिकारी, उपखंड स्तर पर संबंधित उपखंड अधिकारी (SDM) और तहसील मुख्यालयों पर तहसीलदार के निर्देशों और अनुमति के बाद ही इस स्टॉक का विक्रय किया जाएगा। साथ ही, बेचे गए स्टॉक की भरपाई अगली सप्लाई से तुरंत करके रिजर्व मात्रा को फिर से मेंटेन करना होगा।

​अवहेलना करने पर होगी सख्त कार्रवाई

​जिला रसद अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप डीलर्स, गैस एजेंसियों और राशन दुकानदारों को नियमित आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और संबंधित तेल कंपनियों के अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं ताकि संकट के समय कोई बाधा न आए।

​प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन आदेशों की अवहेलना करने वाले या रिजर्व स्टॉक में लापरवाही बरतने वाले डीलरों और संस्थानों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नोट -चित्र एआई द्वारा निर्मित काल्पनिक है ।

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