भवानीमंडी ।भवानीमंडी नगर पालिका में चल रहे इस सफल शिविर के बीच अचानक एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल भी देखने को मिला है। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर यहाँ कार्यरत अधिशासी अधिकारी मनीष मीणा को एपीओ कर दिया है। उनके स्थान पर अब शंभूलाल मीणा को भवानीमंडी नगर पालिका की कमान सौंपी गई है। इस बदलाव के साथ ही दोनों अधिकारियों के नाम एक बेहद दिलचस्प और अनोखा रिकॉर्ड भी जुड़ गया है।
मनीष मीणा: चौथी बार आये- गये इस बार एपीओ, तीन नगरपालिकाओं का था जिम्मा
निवर्तमान ईओ मनीष मीणा का भवानीमंडी नगर पालिका में लगातार आना-जाना लगा रहा है। वे कुल तीन बार यहाँ आए और अब यह चौथी बार है जब वे भवानीमंडी से एपीओ होकर जा रहे हैं। खास बात यह है कि मनीष मीणा ने राजनीतिक गलियारों और सत्ताबदल के बीच भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी; वे पूर्ववर्ती कांग्रेस की गहलोत सरकार में भी यहाँ ईओ रहे और सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा की भजनलाल सरकार में भी इसी पद पर लगातार कार्य करते रहे। एपीओ होने से पहले उनके पास भवानीमंडी के साथ-साथ डग और पिड़ावा नगर पालिका का भी अतिरिक्त कार्यभार था।
शंभूलाल मीणा: चौथी बार संभाली कमान, लेकिन रहा है अल्पकाल
मनीष मीणा के एपीओ होने के बाद सरकार द्वारा यहाँ लगाए गए नए ईओ शंभूलाल मीणा का इतिहास भी भवानीमंडी नगर पालिका से गहरा जुड़ा रहा है। शंभूलाल मीणा का भी भवानीमंडी नगर पालिका में पदस्थापन का यह चौथी बार का वाकया है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि वे जब भी यहाँ ईओ बनकर आए हैं, उनका कार्यकाल बेहद छोटा (अल्प समय के लिए) रहा है। अब देखना यह होगा कि इस चौथी पारी में वे यहाँ कितने समय तक टिक पाते हैं और वर्तमान में चल रहे शहरी सेवा शिविर को किस ऊंचाई पर ले जाते हैं।
