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भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )कोटा-नागदा-रतलाम रेल खंड के मध्यवर्ती स्टेशनों के यात्रियों द्वारा एक लंबे अर्से से नई यात्री ट्रेनें चलाने की मांग की जा रही है, लेकिन लगातार जनप्रतिनिधियों और रेलवे बोर्ड की उदासीनता के कारण यह मांग आज भी अधर में लटकी हुई है। क्षेत्र के रेल यात्रियों का कहना है कि शाम 5:10 बजे जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन के गुजर जाने के बाद मध्यवर्ती स्टेशनों के लिए अगली प्रमुख ट्रेन लगभग 10 घंटे बाद उपलब्ध होती है। इस लंबे ‘रेल गैप’ के कारण दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों और रेल प्रेमियों द्वारा इस 10 घंटे के अंतराल को समाप्त करने के लिए कोटा-नागदा-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग तेज कर दी गई है।
सांसदों से कई बार गुहार, रेलवे बोर्ड मौन
इस ट्रेन को चलाने की मांग स्थानीय यात्रियों द्वारा क्षेत्र के सांसदों से कई मर्तबा की जा चुकी है। सांसदों को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपे गए हैं, लेकिन जनहित, यात्रीहित और क्षेत्रहित से जुड़ी इस बेहद आवश्यक मांग पर आज तक रेलवे बोर्ड ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
कोटा संसदीय क्षेत्र के सांसद व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इसी क्षेत्र से आते हैं और यह उनका दूसरा कार्यकाल है यदि उनके रहते हुए अब यह वर्ष पुरानी मांग मे ट्रेन चालू नहीं हुई तो भविष्य में उम्मीद करना भी बेकार है । कोटा-नागदा खंड के यात्रियों के लिए इस ट्रेन का चलना बेहद अत्यावश्यक है, मगर प्रशासन के ढुलमुल रवैये सांसदों की उदासीनता के चलते जनता में निराशा है।
प्रस्तावित समय सारणी (टाइम टेबल)
इस खंड से जुड़े यात्रियों ने रेलवे बोर्ड के समक्ष एक सुव्यवस्थित समय सारणी भी सुझाई गई है, जिसके अनुसार सिर्फ एक ही रैक से इस पूरी ट्रेन का संचालन आसानी से किया जा सकता है:
कोटा से रतलाम : कोटा जं.: प्रस्थान रात्रि 20:00 बजे (8:00 PM)
नागदा जं.: आगमन रात्रि 23:25 बजे
रतलाम जं.: आगमन मध्यरात्रि 00:00 बजे
रतलाम से कोटा : रतलाम जं.: प्रस्थान सुबह 06:00 बजे
नागदा जं.: आगमन सुबह 06:35 बजे
कोटा जं.: आगमन सुबह 10:00 बजे
इन मध्यवर्ती स्टेशनों को मिलेगा सीधा लाभ
इस इंटरसिटी एक्सप्रेस के शुरू होने से कोटा और रतलाम के बीच आने वाले सभी प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इसके मार्ग में आने वाले मुख्य स्टेशन इस प्रकार हैं:
कोटा ➔ रामगंजमंडी ➔ भवानीमंडी ➔ गरोठ ➔ शामगढ़ ➔ सुवासरा ➔ चौमहला – विक्रमगढ़ आलोट ➔ महिदपुर रोड ➔ नागदा ➔ खाचरौद- रतलाम।
ट्रेन शुरू होने के प्रमुख लाभ
शाम की कनेक्टिविटी: मध्यवर्ती स्टेशनों के लिए शाम के समय की यह सबसे आवश्यक ट्रेन साबित होगी।
दैनिक यात्रियों को राहत: व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा के लिए रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सुबह की सुविधा: सुबह के समय रतलाम एवं नागदा से कोटा आने के लिए एक बेहतरीन और सुविधाजनक कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
रखरखाव में आसानी: दिन के समय कोटा में ट्रेन का आसानी से रखरखाव संभव हो सकेगा।
क्षेत्र के नागरिकों ने एक सुर में सरकार और रेल मंत्रालय से मांग की है कि यात्रियों के समय की बचत, सुरक्षित यात्रा और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए इस इंटरसिटी एक्सप्रेस को बिना किसी देरी के हरी झंडी दिखाई जाए।
यह सामाजिक कार्यकर्ता वर्षों से कर रहे मांग
रात्रि 8:00 बजे कोटा से यात्री ट्रेन नागदा तक चलने की मांग वर्षो से कई सामाजिक संगठन व कार्यकर्ता कर रहे हैं ।पत्राचार इतने किए की उनको पढ़ पढ़कर ही रेलवे बोर्ड थक गया होगा, लेकिन अभी तक यात्रियों की इस मांग को नहीं माना गया ,
प्रमुख रूप से श्री राधेश्याम काला , अभय जैन , अभिषेक शर्मा,कमलजीत सिंह छाबड़ा, भवानीमंडी जिला बनाओ समिति के बैनर तले भी इस ट्रेन को चलाने की मांग की गई ।

