जनसंदेश (जगदीश पोरवाल)
भवानीमंडी। (ज पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों, विशेषकर धार्मिक यात्राओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ट्रेन संख्या 61623/61624 कोटा–चौमहला–कोटा मेमू का विस्तार कर इसे उज्जैन तक संचालित किया जाएगा। यह व्यवस्था 15 जून 2026 से लागू होगी।
नई समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन संख्या 61623 कोटा–उज्जैन मेमू सुबह 5:05 बजे कोटा जंक्शन से रवाना होकर 12:05 बजे उज्जैन पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 61624 उज्जैन–कोटा मेमू दोपहर 1:10 बजे उज्जैन से रवाना होकर शाम 8:10 बजे कोटा पहुंचेगी।
इस ट्रेन के संचालन से रामगंजमंडी, भवानीमंडी, चौमहला, शामगढ़, विक्रमगढ़ आलोट, महिदपुर रोड और नागदा क्षेत्र के यात्रियों को उज्जैन के लिए सीधी और सुलभ रेल सुविधा उपलब्ध होगी। भवानीमंडी स्टेशन पर यह ट्रेन सुबह लगभग 7:05 बजे पहुंचेगी तथा 7:07 बजे उज्जैन के लिए रवाना होगी।
रेलवे ने साथ ही ट्रेन संख्या 61615/61616 कोटा–नागदा–कोटा मेमू का संचालन अस्थायी रूप से चौमहला स्टेशन तक सीमित करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था में यह ट्रेन कोटा और चौमहला के बीच संचालित होगी।
सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय
धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महापर्व आयोजित होना है। साथ ही प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, चौमहला एवं शामगढ़ क्षेत्र के श्रद्धालुओं की लंबे समय से उज्जैन तक सीधी लोकल रेल सेवा की मांग रही है।
रेलवे का यह निर्णय महाकाल भक्तों और सिंहस्थ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कम किराए और सभी प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव के कारण यह मेमू ट्रेन आम यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और धार्मिक यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन तक इस ट्रेन का विस्तार समय की आवश्यकता था, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को सीधी एवं सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
कोटा से प्रस्थान और आगमन का समय
61623 मेमू: कोटा प्रस्थान 5:05 बजे, उज्जैन आगमन 12:05 बजे।
61624 मेमू: उज्जैन प्रस्थान 1:10 बजे, कोटा आगमन 8:10 बजे।
15 जून 2026 से नई व्यवस्था लागू।
61615/61616 कोटा–नागदा मेमू अब चौमहला तक सीमित।
सिंहस्थ 2028 एवं महाकाल दर्शन के लिए यात्रियों को मिलेगा सीधा रेल संपर्क।

