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- जगदीश पोरवाल
भैसोदामंडी/भवानीमंडी - विश्व पर्यावरण दिवस पर जहां एक ओर पौधारोपण के साथ फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर संदेश साझा करने की परंपरा दिखाई देती है, वहीं भैसोदामंडी नगर परिषद क्षेत्र के मालीपुरा वार्ड के पार्षद मनोहर सैनी ने पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस की औपचारिकता नहीं, बल्कि सतत जनसेवा का माध्यम बना दिया है। उनकी पहल इस बात का उदाहरण है कि पर्यावरण बचाने के लिए भाषणों से अधिक जरूरी है निरंतर कर्म और व्यक्तिगत जिम्मेदारी।
- पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें जीवित रखना भी लक्ष्य
- मनोहर सैनी ने पिछले कुछ वर्षों में मालीपुरा से भैसोदा मार्ग तक लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में करीब 150 पौधे रोपित करवाए हैं। इसके अतिरिक्त ज्ञान विहार रोड पर भी 50 पौधे लगाए जा चुके हैं। विशेष बात यह है कि इन पौधों के रोपण, सुरक्षा और देखरेख का अधिकांश खर्च वे स्वयं वहन कर रहे हैं।
जहां अधिकांश पौधारोपण अभियान पौधे लगाने तक सीमित रह जाते हैं, वहीं सैनी का ध्यान पौधों के संरक्षण पर है। वे प्रतिदिन सुबह करीब 5:30 बजे उठकर स्वयं पौधों को पानी देते हैं और उनकी स्थिति का निरीक्षण करते हैं। उनका मानना है कि जब व्यक्ति स्वयं पौधों की देखभाल करता है, तब उसके भीतर प्रकृति के प्रति आत्मीयता और जिम्मेदारी का भाव विकसित होता है। - 1000 पौधों का संकल्प, पर्यावरण दिवस पर नई शुरुआत
- पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से मनोहर सैनी ने नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर 1000 छायादार एवं औषधीय पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी अभियान के तहत विश्व पर्यावरण दिवस पर 200 पौधों के रोपण की योजना बनाई गई है, जिनमें से 25 पौधे विशेष रूप से आज लगाए जाएंगे।
इन पौधों को भैसोदा तालाब के आसपास तथा पुल क्षेत्र में लगाया जाएगा। इससे न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि तालाब क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखरेगा। भविष्य में यह क्षेत्र स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए एक आकर्षक एवं सुकूनदायक स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा।
चुनौतियों के बीच भी जारी है प्रयास - हर अच्छे कार्य की राह में बाधाएं भी आती हैं।
- पिछले दिनों कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचाने तथा उनकी सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री-गार्ड चोरी करने की घटनाएं भी सामने आईं। इस संबंध में नगर परिषद को शिकायत दी गई, लेकिन इन घटनाओं ने उनके संकल्प को कमजोर नहीं किया।
सैनी का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिलता है तो अभियान और गति पकड़ेगा, अन्यथा वे अपने निजी संसाधनों से ही इस लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास जारी रखेंगे। - समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मनोहर सैनी की यह पहल एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक केवल एक पौधे को अपनाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का सपना आसानी से साकार हो सकता है।
- छोटे – छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकता है
- आज जब जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने हैं, ऐसे समय में मनोहर सैनी जैसे लोग समाज को यह विश्वास दिलाते हैं कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं। उनकी हरित मुहिम वास्तव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण है।

