कोटा, 1 जून।
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अप्रैल 2026 के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। आरपीएफ ने विभिन्न विशेष अभियानों के जरिए न केवल यात्रियों का लाखों रुपये का खोया सामान सुरक्षित लौटाया, बल्कि कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान भी बिखेरी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अप्रैल माह में “ऑपरेशन अमानत” के तहत आरपीएफ ने ट्रेनों और स्टेशनों पर छूटे हुए सामान के कुल 25 मामलों में त्वरित कार्रवाई की। बल ने यात्रियों का कुल ₹4,28,835 मूल्य का कीमती सामान बरामद किया। इसके बाद पूरी कानूनी प्रक्रिया और विधिवत सत्यापन के उपरांत यह सामान उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया, जिससे यात्रियों ने बड़ी राहत महसूस की।
बिछड़ों को मिलाया, संकटग्रस्तों को सहारा दिया
वाणिज्य प्रबंधक के अनुसार, “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत रेलवे स्टेशनों पर बिना अभिभावकों के भटकते हुए मिले 9 बच्चों को आरपीएफ ने अपने संरक्षण में लिया। सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों या संबंधित बाल कल्याण संस्थाओं को सुपुर्द किया गया।
इसके साथ ही, “ऑपरेशन डिग्निटी” के अंतर्गत विपरीत व संकटग्रस्त परिस्थितियों में मिले 3 व्यक्तियों को रेस्क्यू कर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया।
आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए ये अभियान लगातार जारी रहेंगे। रेलवे सुरक्षा बल की इस मानवीय पहल की आम जनता और रेल यात्रियों द्वारा काफी सराहना की जा रही है, जिससे भारतीय रेल की जनसेवा की छवि और मजबूत हुई है।

