भवानीमंडी। भारत विकास परिषद शाखा भवानीमंडी द्वारा समाजसेवा की अपनी गौरवशाली परंपरा को जारी रखते हुए एक और सफल नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। भारत विकास परिषद चिकित्सालय कोटा के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 38 मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 6 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शिविर का शुभारंभ
सीताराम अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित इस शिविर का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि नेत्र चिकित्सक डॉ. नेहा जैन एवं शिविर प्रभारी मनमोहन जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. नेहा जैन ने उपस्थित मरीजों को ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन कमलेश गुप्ता दलाल द्वारा किया गया।
निशुल्क जांच, दवाइयां और कोटा में होगा ऑपरेशन
शिविर प्रभारी महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि शिविर में आए सभी 38 मरीजों की आंखों की निशुल्क जांच की गई। साथ ही ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर की आवश्यक जांचों के उपरांत 6 मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चुना गया। इन सभी चयनित मरीजों को भोजन के पैकेट देकर विशेष बस द्वारा भारत विकास परिषद के कोटा स्थित चिकित्सालय भेजा गया है। वहां इनका पूर्णतः निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाएगा, जिसके बाद इन्हें ससम्मान वापस भवानीमंडी लाया जाएगा। जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां भी निशुल्क वितरित की गईं।
इनका रहा सराहनीय सहयोग:
शिविर को सफल बनाने में प्रभारी उमाशंकर पोरवाल, मनोज लोढ़ा, मनमोहन जायसवाल, महेशचंद्र शर्मा और कमलेश गुप्ता दलाल सहित परिषद के अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
सेवा के 14 वर्ष: 32 हजार से अधिक मरीजों को मिला लाभ
परिषद के शाखा अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि भवानीमंडी में पिछले 14 वर्षों से लगातार नेत्र चिकित्सा शिविरों की श्रृंखला चलाई जा रही है और यह इस कड़ी का 143वां शिविर था।
उन्होंने गर्व के साथ आंकड़े साझा करते हुए बताया:
- कुल जांच: अब तक इन शिविरों के माध्यम से 32,313 मरीजों की आंखों की निशुल्क जांच की जा चुकी है।
- सफल ऑपरेशन: रिकॉर्ड 9,977 मरीजों का अब तक निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाकर उन्हें नई रोशनी दी गई है।

