राजस्थान में झालावाड़ नंबर-1: किसानों को मिला 260 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड फसल बीमा क्लेम

झालावाड़, 18 मई।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 में झालावाड़ जिले ने पूरे राजस्थान में बाजी मारी है। अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए झालावाड़ सर्वाधिक बीमा क्लेम हासिल कर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। जिले के किसानों के लिए कुल 260.16 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम पारित किया गया है, जो राज्य के किसी भी जिले में सबसे ज्यादा है।

​संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि अधिसूचित बीमा कम्पनी ‘एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ द्वारा यह राशि स्वीकृत की गई है। फसल कटाई प्रयोगों और पोस्ट हार्वेस्ट लॉस की शिकायतों के आधार पर यह क्लेम तय किया गया है, जिससे हजारों किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा।

​खानपुर को सबसे ज्यादा और मनोहरथाना को मिला सबसे कम मुआवजा

​पारित की गई तहसीलवार राशि के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले की खानपुर तहसील को सबसे अधिक 39.15 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम मिला है। वहीं, इसके विपरीत मनोहरथाना तहसील को सबसे कम 5.73 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ है।

सभी 12 तहसीलों की क्लेम स्थिति (करोड़ रुपये में):

  • खानपुर: 39.15 (सर्वाधिक)
  • रायपुर: 30.41
  • बकानी: 27.86
  • पिडावा: 25.45
  • पचपहाड़: 23.46
  • झालरापाटन: 23.11
  • सुनेल: 24.20
  • अकलेरा: 19.71
  • गंगधार: 14.58
  • असनावर: 10.35
  • डग: 9.76
  • मनोहरथाना: 5.73 (सबसे कम)

​चार तहसीलों में 47.17 करोड़ का भुगतान शुरू, बाकी में प्रक्रिया जारी

​कृषि विभाग के अनुसार, वर्तमान में चार तहसीलों— डग, रायपुर, मनोहरथाना एवं अकलेरा के किसानों के बैंक खातों में बीमा पोर्टल के माध्यम से लगभग 47.17 करोड़ रुपये का भुगतान ट्रांसफर किया जा चुका है। प्रशासन और कृषि विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि शेष 8 तहसीलों के किसानों को भी जल्द से जल्द क्लेम राशि मिल सके।

​कृषि विभाग की अपील: नुकसान होने पर 72 घंटे में करें शिकायत

महत्वपूर्ण सूचना: कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जोखिम रहित खेती के लिए समय पर अपनी फसलों का बीमा जरूर करवाएं। यदि कटी हुई फसल को प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि या अतिवृष्टि से नुकसान होता है, तो 72 घंटे के भीतर फसल बीमा पोर्टल या टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि समय पर क्लेम का भुगतान हो सके।

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