झालावाड़ | जिले में शनिवार से जनगणना-2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं घर-घर सर्वे’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस डिजिटल महाभियान के लिए अपनी कमर कस ली है। आगामी 14 जून तक चलने वाले इस प्रथम चरण में जिले के करीब 18 लाख नागरिकों के घरों और सुविधाओं का डेटा संकलित किया जाएगा।
2375 प्रगणक संभालेंगे मोर्चा
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में संचालित इस अभियान के लिए जिलेभर में 2375 प्रगणक और 392 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. आशीष यादव ने बताया कि सर्वे के लिए कुल 3018 कार्मिकों को 81 बैचों में सघन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। फील्ड में उतरने से पहले सभी कार्मिकों को आवश्यक ‘जनगणना किट’ उपलब्ध कराई जाएगी।
पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है। डेटा संग्रह के लिए विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा।
- रियल टाइम डेटा: प्रगणक घर-घर जाकर पेयजल, बिजली, शौचालय और वाहनों जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे।
- लोकेशन मैपिंग: प्रत्येक क्षेत्र का डिजिटल नक्शा और लोकेशन मैपिंग भी वास्तविक समय में की जाएगी।
- यूनिक नंबर: हर मकान और भवन पर मार्कर से एक यूनिक नंबर अंकित किया जाएगा।
सुरक्षा और पहचान का खास इंतजाम
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार डिजिटल आईडी और QR कोड प्रणाली लागू की है।
- प्रत्येक प्रगणक के पास डिजिटल पहचान पत्र होगा।
- आमजन मोबाइल से QR कोड स्कैन कर प्रगणक की प्रामाणिकता (नाम, पद और नियुक्ति) की जांच कर सकेंगे।
- सभी कार्मिकों को ऐप में ‘हिंदी’ भाषा का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डेटा प्रविष्टि में सटीकता रहे।
गोपनीयता का रखा जाएगा ध्यान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम के तहत नागरिकों की निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर सहयोग करें।
नोट – चित्र एआई द्वारा निर्मित काल्पनिक है ।सावधान रहें: प्रशासन ने विशेष हिदायत दी है कि प्रगणक केवल निर्धारित सामान्य जानकारी ही मांगेंगे। वे किसी भी स्थिति में नागरिकों से OTP, बैंक पासवर्ड, आधार का डिजिटल पिन या अन्य कोई गोपनीय वित्तीय जानकारी नहीं मांगेंगे
