भवानीमंडी उप- जिला परिवहन कार्यालय में साल में मात्र 52 दिन होता है काम, बाकी दिन पसरा रहता है सन्नाटा


राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में 12 साल बाद भी कार्यालय ‘अधुरा’, जनता परेशान

भवानीमंडी | (जगदीश पोरवाल)
राजस्थान के अग्रणी व्यापारिक केंद्र भवानीमंडी में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली का एक अजीबोगरीब नमूना देखने को मिल रहा है। शहर में स्थित उप-जिला परिवहन कार्यालय (Sub-DTO) सफेद हाथी साबित हो रहा है, जहाँ आम जनता के कार्य साल के 365 दिनों में से मात्र 52 दिन ही होते हैं। शेष दिनों में यहाँ केवल एक संविदाकर्मी गार्ड साफ-सफाई के लिए मौजूद रहता है, जबकि जनता अपने काम के लिए झालावाड़ के चक्कर काटने को मजबूर है।
स्टाफ की भारी कमी: 7 की जगह मात्र 1 इंस्पेक्टर
इस अव्यवस्था का मुख्य कारण रिक्त पद हैं। जिला परिवहन अधिकारी समीर जैन के अनुसार, पूरे जिले का कार्यभार संभालने के लिए 7 इंस्पेक्टरों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल एक इंस्पेक्टर, बनवारी लाल ही कार्यरत हैं। 6 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। मजबूरीवश, भवानीमंडी कार्यालय में सप्ताह में केवल एक दिन (शुक्रवार) ही इंस्पेक्टर को भेजा जाता है। इस गणित के अनुसार महीने में 4 दिन और साल में मात्र 52 दिन ही यहाँ परिवहन संबंधी कार्य हो पाते हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र
कार्यालय की इस बदहाली पर अब सियासत भी गरमाने लगी है:
नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय आस्तोलिया का कहना है कि कांग्रेस शासन में पूर्व विधायक मदन लाल वर्मा ने डग क्षेत्र की मांग पर यह कार्यालय खुलवाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इसे पूर्ण जिला परिवहन कार्यालय (DTO) बनाना तो दूर, स्टाफ तक मुहैया नहीं कराया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक दोनों भाजपा से हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि विधायक कालूराम मेघवाल को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि रिक्त पदों को जल्द भरकर कार्यालय में नियमित कामकाज सुनिश्चित किया जाएगा।
12 साल से किराया नहीं बढ़ा, बिजली बिल भी बकाया
कार्यालय की बदहाली केवल स्टाफ तक सीमित नहीं है। यह वर्तमान में मेला मैदान के पास अजय चौधरी के निजी भवन में संचालित है। भवन मालिक अजय चौधरी ने बताया कि:
किराया: वर्ष 2014 से अब तक किराया मात्र 5000 रुपये मासिक ही है, जिसमें कोई वृद्धि नहीं हुई।
बिजली बिल: एग्रीमेंट के अनुसार 1500 रुपये मासिक बिजली बिल दिया जाना था, लेकिन 12 सालों में विभाग ने एक बार भी बिजली का भुगतान नहीं किया है।


डग क्षेत्र के लोगों के लिए जरूरी है उप जिला परिवहन कार्यालय का नियमित खुलना

डग विधानसभा क्षेत्र के उन्हेल नागेश्वर से जिला मुख्यालय झालावाड़ की दूरी करीब डेढ़ सौ किलोमीटर पड़ती है इस क्षेत्र के नागरिकों को जिला मुख्यालय झालावाड़ परिवहन संबंधित कोई भी कार्य के लिए सवेरे से शाम एक दिन पूरा लग जाता है ,इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए मध्य भवानीमंडी में वर्ष 2014 उपजिला परिवहन कार्यालय खोला गया था ,लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में यह भी हिचकुले खा रहा है ।
डग और भवानीमंडी क्षेत्र की एक बड़ी आबादी इस कार्यालय पर निर्भर है, लेकिन सप्ताह में केवल एक दिन कार्य होने से फाइलों का अंबार लगा रहता है। क्या राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस “पार्ट-टाइम” कार्यालय को पूर्णकालिक बना पाएंगे, या जनता को इसी तरह असुविधा झेलनी पड़ेगी?

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