झ
झालावाड़ ( जगदीश पोरवाल )| 25 अप्रैल जिले में बढ़ते नशे के प्रचलन और मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में ‘जिला स्तरीय नार्को कोर्डिनेशन समिति’ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई के रोडमैप पर चर्चा की गई।
युवाओं को बचाने के लिए विशेष रणनीति
जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- संभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर तस्करी पर लगाम लगाई जाए।
- सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित हो सके।
- मेडिकल कॉलेजों में नशे का सेवन करने वाले छात्र-छात्राओं की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
मेडिकल दुकानों की होगी कड़ी जांच
नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए ड्रग निरीक्षक को कड़े निर्देश दिए गए हैं:
- जिले की मेडिकल दुकानों का नियमित निरीक्षण और स्टॉक रजिस्टर की सघन जांच अनिवार्य होगी।
- यदि NDPS श्रेणी की दवाएं स्टॉक रजिस्टर से अधिक मिलीं या अवैध बिक्री की पुष्टि हुई, तो संबंधित दुकान का लाइसेंस तुरंत निरस्त कर FIR दर्ज की जाएगी।
अवैध खेती और नशामुक्ति पर जोर
बैठक में अफीम और गांजे की अवैध खेती के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही गई। इसके साथ ही:
- जनजागरूकता: स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
- नशामुक्ति केंद्र: जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।

