भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भवानीमंडी पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रहा है। पिछले एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने साइबर ठगी के अंतर्राज्यीय नेटवर्क पर दो बड़े प्रहार करते हुए कुल 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।इसके अलावा साइबर ठगी में 1 साल से फरार चल रहे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया ।
ताजा कार्रवाई: तीन और शातिर ठग गिरफ्तार (14-15 अप्रैल)
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में भवानीमंडी पुलिस ने 14 अप्रैल को यस बैंक के एक संदिग्ध खाते की जांच करते हुए अजय वर्मा, अरविन्द मीणा और राजकुमार मेघवाल को गिरफ्तार किया।

बरामदगी: इनके पास से 47,500 रुपये नकद, 2 लैपटॉप, 2 एटीएम कार्ड, 5 पासबुक और एक चेकबुक बरामद हुई है।
मोडस ऑपेरंडी: ये आरोपी गरीब या अनजान लोगों से बैंक खाते खरीदते थे और उन्हें बड़े साइबर ठगों को ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में बेच देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
अजय वर्मा (28 वर्ष): पुत्र दिलीप कुमार वर्मा, निवासी खण्डिया कॉलोनी, झालावाड़ (मूल खाता धारक)।
अरविंद मीणा (25 वर्ष): पुत्र राजुलाल मीणा, निवासी भेरेली, थाना अकलेरा (खाता खरीदने वाला)।
राजकुमार मेघवाल (25 वर्ष): पुत्र रामप्रसाद मेघवाल, निवासी मुण्डेरी, थाना मण्डावर (खाता खरीदने वाला)।
पिछली बड़ी सफलता: 10 अप्रैल की कार्रवाई
इससे पूर्व, 10 अप्रैल को भी पुलिस ने इसी अभियान के तहत एक अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया था। उस कार्रवाई में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
बरामदगी का ब्यौरा: एक चलता-फिरता ‘मिनी बैंक’
आरोपियों की तलाशी के दौरान पुलिस को जो सामान मिला है, उसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने इनके कब्जे से:
53 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के)
35 चेक बुक
06 बैंक पासबुक
09 मोबाइल सिम
01 लैपटॉप (साइबर फ्रॉड के लिए उपयोग किया जा रहा था)
1,54,800 रुपये नगद जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
ललित राणा (22): दिनेश राणा निवासी रामनगर, भवानीमंडी।
अजय विश्वकर्मा (25):बद्रीलाल निवासी रामनगर, भवानीमंडी।
राजेश कुमार (43): रमेशचंद राठौड़
निवासी पचपहाड़, भवानीमंडी।
इसके अलावा साइबर फ्रॉड में 1 साल से फरार चल रहे हैं आरोपी शेखर चंद्र को भी पुलिस ने 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया ।
पुलिस की चेतावनी और अपील
थानाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित टीम अब इन दोनों कार्रवाइयों के लिंक आपस में जोड़ रही है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से देशभर में फैले साइबर ठगी के एक बहुत बड़े सिंडिकेट का खुलासा होगा।
विशेष नोट: पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर अपने बैंक खाते, पासबुक या एटीएम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न दें। ऐसा करना आपको साइबर अपराध का हिस्सा बना सकता है और आप कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं।

