भवानीमंडी | (जगदीश पोरवाल) देश का इकलौता रेलवे स्टेशन जो दो राज्यों की सीमाओं में बंटा हुआ है, अब एक नए बदलाव को लेकर चर्चा में है। राजस्थान के झालावाड़ जिले और मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की सरहद पर स्थित भवानीमंडी रेलवे स्टेशन पर अब भैसोदामंडी की पहचान और स्पष्ट होने लगी है।

दो राज्यों के बीच बंटा प्लेटफार्म यह जगजाहिर है कि भवानीमंडी रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर 2 आधा राजस्थान में और आधा मध्य प्रदेश में आता है। यात्रियों की सुविधा और जानकारी के लिए प्लेटफार्म के ठीक मध्य में एक बोर्ड लगा हुआ है, जिसके एक तरफ ‘राजस्थान’ और दूसरी तरफ ‘मध्य प्रदेश’ अंकित है। यह बोर्ड न केवल राज्यों की सीमा तय करता है, बल्कि पर्यटकों और यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बना रहता है।
कोटा मंडल ने लगाया नया सूचना बोर्ड हाल ही में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल द्वारा राजस्थान की सीमा के भीतर एक नया बोर्ड स्थापित किया गया है। सीमा बांटने वाले मुख्य बोर्ड से लगभग 50 फीट की दूरी पर (राजस्थान की ओर) लगाए गए इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है:
“भैसोदामंडी के लिए यहाँ उतरें – कोटा मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे”
यह कदम उन यात्रियों के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो मध्य प्रदेश के भैसोदा क्षेत्र में जाना चाहते हैं, क्योंकि अब राजस्थान की सीमा से ही उन्हें सही दिशा का निर्देश मिलने लगा है।
नाम बदलने की उठ चुकी है मांग गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व मध्य प्रदेश की भैसोदा नगर परिषद के भाजपा नेता कमल हटवाल ने इस स्टेशन के नाम को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग रखी थी। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर आग्रह किया था कि रेलवे स्टेशन का नाम संयुक्त रूप से ‘भवानीमंडी / भैसोदामंडी’ रखा जाए।
चूंकि रेलवे का संचालन केंद्र सरकार के अधीन होता है, इसलिए राज्यों की सीमाएं इसके प्रशासनिक कार्यों में बाधा नहीं बनतीं। राजस्थान की सीमा में भैसोदामंडी के नाम का बोर्ड लगना, स्थानीय लोगों की भावनाओं और रेलवे की व्यावहारिक कार्यप्रणाली के बीच एक बेहतर तालमेल के रूप में देखा जा रहा है।

