भवानीमंडी (झालावाड़)। ( जगदीश पोरवाल ) राजस्थान के झालावाड़ जिले की भवानीमंडी थाना पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने ‘म्यूल बैंक खातों’ (Mule Accounts) के जरिए देशव्यापी ठगी को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह के तीन मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, चेक बुक और नकदी बरामद की है, जो इस बात का सबूत है कि यह गिरोह कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था।

लाखों में खरीदते थे बैंक खाते, फिर होता था करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी आम लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे या बने-बनाये बैंक खाते लाखों रुपये देकर खरीद लेते थे। इन खातों का उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में किया जाता था। साइबर ठगी की मोटी रकम को कानूनी एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए इन खातों में ट्रांसफर किया जाता था और फिर अलग-अलग शहरों से एटीएम के माध्यम से निकाल लिया जाता था। पकड़े गए आरोपियों के खातों का संबंध देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से पाया गया है।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के निर्देशन में जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 9 अप्रैल 2026 को उप-निरीक्षक अखेराम को एक गुप्त सूचना मिली कि भवानीमंडी इलाके के कुछ युवक संदिग्ध रूप से बड़े पैमाने पर बैंकिंग लेनदेन कर रहे हैं। तकनीकी विश्लेषण और साइबर सेल की मदद से जब संदिग्धों पर निगरानी रखी गई, तो ‘म्यूल खाता’ गिरोह का चेहरा सामने आया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
ललित राणा (22) पिता दिनेश राणा लोहार वार्ड नंबर 23 निवासी रामनगर, भवानीमंडी।
अजय विश्वकर्मा (25) पिता बद्रीलाल विश्वकर्मासुथार वार्ड नंबर 23 रामनगर निवासी रामनगर, भवानीमंडी।
राजेश कुमार (43) पिता रमेश चंद तेली राम मंदिर के पास निवासी पचपहाड़, भवानीमंडी।
बरामदगी का ब्यौरा: एक चलता-फिरता ‘मिनी बैंक’
आरोपियों की तलाशी के दौरान पुलिस को जो सामान मिला है, उसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने इनके कब्जे से:
53 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के)
35 चेक बुक
06 बैंक पासबुक
09 मोबाइल सिम
01 लैपटॉप (साइबर फ्रॉड के लिए उपयोग किया जा रहा था)
1,54,800 रुपये नगद जब्त किए हैं।
इन धाराओं में मामला दर्ज
भवानीमंडी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 316(2) (विश्वासघात) और 66डी आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
सराहनीय रही पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में थानाधिकारी प्रमोद कुमार, एसआई अखेराम, और विशेष भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल तेजेन्द्र सिंह (कांस्टेबल नंबर 1379) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में कांस्टेबल विकास, रवि दुबे और हरीराम भी शामिल रहे।
” गिरफ्तार साइबर ठग म्यूल बैंक खाता में रुपए डलवा कर साइबर फ्रॉड करते थे , इनके खिलाफ देश के कई स्थानों से ऑनलाइन शिकायते भी दर्ज हुई है ,इनका काफी बड़ा नेटवर्क है इनसे साइबर ठगी से संबंधित और भी मामले पूछताछ में उजागर हो सकते हैं “
प्रेमकुमार चौधरी
पुलिस उपाधिक्षक
भवानीमंडी
पुलिस की अपील:
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या एटीएम ‘किराए’ पर न दें और न ही पैसों के लालच में आकर अपने दस्तावेज बेचें। ऐसा करना आपको गंभीर कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।

