झालावाड़ ( जगदीश पोरवाल )| राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने गुरुवार को झालावाड़ के पर्यटन विकास को एक नई ऊंचाई देते हुए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय संग्रहालय में “गागरोन दुर्ग गैलरी” का फीता काटकर उद्घाटन किया और पैलेस के सामने नवनिर्मित आकर्षक “सेल्फी पॉइंट” का अनावरण किया।
इस अवसर पर राजे ने स्वयं सेल्फी पॉइंट पर फोटो खिंचवाई और गैलरी में प्रदर्शित ऐतिहासिक धरोहरों का गहन अवलोकन किया।
झालावाड़ की विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय विरासत को संरक्षित करना और उसे आधुनिक माध्यमों से नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की मांग है। राजे ने विश्वास जताया कि ये नवाचार न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे।

गागरोन दुर्ग गैलरी: एक छत के नीचे किले का इतिहास
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के अनुसार, राज्य सरकार की ‘पंच गौरव योजना’ के तहत जिला प्रशासन की यह एक अभिनव पहल है। इस गैलरी की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- सजीव चित्रण: गैलरी में जौहर कुंड, संत मिट्ठेशाह की दरगाह, रानियों का महल और अचलदास खींची का खांडा जैसे प्रमुख स्थलों को सजीव चित्रों और विस्तृत जानकारी के साथ दर्शाया गया है।
- भव्य मॉडल: गैलरी के केंद्र में गागरोन दुर्ग का एक शानदार मॉडल स्थापित किया गया है, जो आगंतुकों को किले की संरचना का वास्तविक अनुभव कराता है।
- विशेष आकर्षण: यहाँ भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी डाक टिकट, प्रसिद्ध “राय तोते” की झलकियां और ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ के प्रमाण पत्र भी प्रदर्शित किए गए हैं।
ताजमहल की तर्ज पर बना सेल्फी पॉइंट
पर्यटकों के आकर्षण के लिए गढ़ पैलेस के सामने एक विशेष सेल्फी पॉइंट तैयार किया गया है। इसकी बनावट विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के सामने स्थित प्रसिद्ध बेंच की तर्ज पर की गई है। यहाँ पर्यटक गढ़ पैलेस की भव्य पृष्ठभूमि के साथ अपनी यादगार तस्वीरें ले सकेंगे।
गरिमामय उपस्थिति
उद्घाटन समारोह के दौरान उप वन संरक्षक सागर पंवार, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी और डॉ. मधुसूदन आचार्य सहित कई गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। श्रीमती राजे ने अंत में आमजन से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने की अपील की।


