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रतलाम / जावरा । (बंशीलाल पोरवाल )
रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने वित्त वर्ष 2025–26 में टिकट चेकिंग के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 26.22 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि न केवल गत वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है, बल्कि निर्धारित लक्ष्य 22.59 करोड़ रुपये से भी 16.08 प्रतिशत अधिक रही।
मंडल द्वारा इस अवधि में कुल 4.12 लाख अनियमित यात्रियों को पकड़ा गया, जो पिछले वर्ष के 3.27 लाख की तुलना में 26.18 प्रतिशत अधिक है। साथ ही यह आंकड़ा तय लक्ष्य से लगभग 10 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया, जो टिकट चेकिंग अभियान की सख्ती और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हिना केवलरामानी के नेतृत्व में पहली बार रतलाम मंडल ने टिकट चेकिंग से 26 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। इस उपलब्धि में मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजेश मथुरिया एवं मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मिक्की सक्सेना की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने योजनाबद्ध तरीके से मॉनिटरिंग एवं अभियान को सफल बनाया।
जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस वित्त वर्ष में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी दर्ज की गईं। रतलाम मंडल देश का पहला ऐसा मंडल बना, जहां सभी लॉबी में बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई। वहीं ट्रेन संख्या 22944 में फर्जी स्टूडेंट कन्सेशन पर यात्रा कर रहे समूह को पकड़कर राजस्व हानि रोकी गई।
इसी क्रम में ट्रेन संख्या 09085 के कोच B/5, B/6 एवं B/7 में जांच के दौरान 35 अनियमित यात्रियों से 1.23 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही टी.टी. रनिंग रूम के रखरखाव कार्यों को पहली बार एकीकृत टेंडर प्रक्रिया के तहत आवंटित किया गया, जिससे कार्य में पारदर्शिता आई।
मंडल द्वारा विशेष एंटी-लिटरिंग अभियान चलाकर यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया, जिसकी सराहना रेलवे बोर्ड स्तर तक की गई। इसके अलावा टिकट चेकिंग स्टाफ ने ड्यूटी के दौरान कई नाबालिग बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने और यात्रियों के खोए सामान को लौटाने जैसे मानवीय कार्य भी किए।
रतलाम मंडल की यह उपलब्धि केवल राजस्व वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्री सेवा, अनुशासन और पारदर्शिता के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बनकर सामने आई है।
