भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )पचपहाड़ कस्बे में पेयजल संकट ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पिछले एक महीने से पानी की किल्लत झेल रहे लोगों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया, जब बड़ी संख्या में महिलाएं खाली बाल्टियां लेकर पचपहाड़ चौराहे पर पहुंचीं और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
दो बाल्टी पानी से गुजर-बसर, बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें दिनभर में केवल दो बाल्टी पानी ही मिल पा रहा है, जो परिवार की जरूरतों के लिए बेहद नाकाफी है। पिछले करीब 30 दिनों से जलापूर्ति बाधित होने के कारण 200 से अधिक परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय निवासी लीलाबाई ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे मजबूर होकर लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।
धरने से यातायात प्रभावित
करीब 40 से 50 मिनट तक चले इस धरना-प्रदर्शन के कारण चौराहे पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थिति को देखते हुए मौके पर प्रशासनिक हलचल तेज हुई और अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली।

जलदाय विभाग ने दिया आश्वासन
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता राजेश मीणा ने कहा कि,
“समस्या की पहले विस्तृत जानकारी नहीं थी, लेकिन अब मामला संज्ञान में आ चुका है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारू करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।”
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन में रईस खान, सबीना, शहीदी, मुन्नी अप्पा और बिल्किस सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
स्थाई समाधान कब होगा
भीषण गर्मी के इस दौर में सीमित पानी के सहारे जीवन यापन करना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाता है।

