20 वर्षों की प्रतीक्षा खत्म: महिला शिक्षण विहार को मिला भूमि अधिकार, सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि

झालावाड़ 02 अप्रैल। जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत महिला शिक्षण विहार के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब लगभग 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संस्थान को भूमि का विधिवत पट्टा प्राप्त हुआ। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई, जिसने न केवल एक संस्थान को अधिकार दिलाया, बल्कि जिले में प्रशासनिक सक्रियता और संवेदनशीलता का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।

यह पट्टा संस्थान की प्राचार्य को सौंपा गया, जिससे अब महिला शिक्षण विहार को अपनी गतिविधियों के संचालन, विस्तार और विकास के लिए वैधानिक मजबूती मिल गई है। वर्षों से बिना स्पष्ट भूमि अधिकार के संचालित हो रहा यह संस्थान अब स्थायित्व और सुरक्षा के साथ अपने उद्देश्यों को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगा।

पट्टे की उपयोगिता: विकास को मिलेगी नई दिशा

भूमि का अधिकार मिलने से महिला शिक्षण विहार को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा। अब संस्थान अपने भवनों का विस्तार, आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण तथा नए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना कर सकेगा। सरकारी योजनाओं एवं अनुदानों का लाभ लेने में भी यह पट्टा सहायक सिद्ध होगा, जिससे यहां अध्ययनरत बालिकाओं और महिलाओं को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही संस्थान की वैधानिक पहचान मजबूत होने से समाज एवं दानदाताओं का विश्वास भी बढ़ेगा।

सशक्तिकरण का केंद्र बना महिला शिक्षण विहार

वर्ष 1997 से संचालित यह संस्थान जिले की महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सशक्तिकरण केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां न केवल औपचारिक शिक्षा दी जाती है, बल्कि जीवन कौशल, आत्मनिर्भरता और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, परित्यक्ता एवं जरूरतमंद महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

संस्थान में आवासीय सुविधा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली बालिकाएं भी सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर और हस्तशिल्प जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगारोन्मुख बनाया जाता है।

जिला प्रशासन की सफलता की मिसाल
यह उपलब्धि जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वर्षों से लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है। कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान ने न केवल प्रक्रियाओं को गति दी, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक परिवर्तन भी सुनिश्चित किया।

इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) सीताराम मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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