नाग महाराज मंदिर बेरछा में पंडाजी की भविष्यवाणी: अनाज महंगा, फसल पर संकट और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी, द
जावरा से बंसीलाल पोरवाल
नागदा से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बेरछा में चैत्र नवरात्र की पंचमी पर नाग महाराज मंदिर में पारंपरिक हवन-पूजन का आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात हर वर्ष की तरह इस बार भी पंडित मांगीलाल शर्मा द्वारा भविष्यवाणी की गई, जिसमें देश-विदेश की स्थिति, मौसम, कृषि और अर्थव्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत दिए गए।
पंडित शर्मा ने वर्तमान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष आगामी तीन माह तक जारी रहेगा और आगे चलकर यह महायुद्ध का रूप भी ले सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेगा।
मौसम को लेकर की गई भविष्यवाणी में बताया गया कि इस वर्ष वर्षा सामान्य से अधिक रहेगी। आषाढ़ माह में लगभग सात दिन अतिरिक्त बारिश होगी, जबकि सावन में करीब 25 दिनों तक वर्षा जारी रहने का अनुमान है। भादवा माह में भी आठ दिन बारिश होने की संभावना जताई गई है। अधिक वर्षा के कारण बांधों पर दबाव बढ़ेगा और कुछ स्थानों पर टूटने की स्थिति भी बन सकती है। दीपावली पर्व के आसपास भी वर्षा होने के संकेत दिए गए हैं।
कृषि क्षेत्र को लेकर कहा गया कि इस बार बोवनी तीन चरणों में होगी, जिसमें पहली बोवनी आधे आषाढ़ में शुरू होगी। सोयाबीन की फसल पर ईल्ली और टिड्डी दल का प्रकोप रहने की आशंका जताई गई है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अनाज और बाजार भाव को लेकर भविष्यवाणी में बताया गया कि वैशाख माह में अनाज के दाम बढ़ेंगे, हालांकि बाद में इनमें गिरावट भी आएगी। गेहूं, सोयाबीन और लहसुन के भाव में तेजी रहने की संभावना है, जबकि सोना-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। तेल के दामों में अधिक वृद्धि का अनुमान जताया गया है।
प्राकृतिक आपदाओं को लेकर भी चेतावनी दी गई है। वैशाख, कार्तिक और पौष माह में भूकंप की स्थिति बनने की संभावना व्यक्त की गई है, वहीं तीन समुद्रों में तूफान आने से विदेशी देशों में भारी नुकसान होने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य संबंधी संकेत देते हुए पंडित शर्मा ने कहा कि जून माह में बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष के मुखिया के लिए हानि की संभावना जताई और आतंकवाद के कारण जनहानि होने की भी आशंका व्यक्त की।
अंत में उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि भगवान महाकाल की कृपा से विपरीत परिस्थितियों में भी जन-जन की रक्षा होगी।
यह भविष्यवाणी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसे आस्था के साथ सुनते नजर आए।

