
भवानीमंडी/भानपुरा | 26 मार्च, 2026
समीपस्थ मध्य प्रदेश के भानपुरा में राठौर तेलियान समाज के पूर्व अध्यक्ष अशोक राठौर आत्महत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी मंगल सिंह राठौर और उसके पुत्र जितेन्द्र उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
बीती 8 मार्च को भानपुरा के लोटखेड़ी गेट निवासी 60 वर्षीय अशोक राठौर ने अपनी दुकान में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें समाज के वर्तमान अध्यक्ष व अन्य पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि समाज के अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान आय-व्यय के लेखा-जोखा को लेकर आरोपी मृतक को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपियों द्वारा रुपयों की मांग और जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं, जिससे त्रस्त होकर पूर्व अध्यक्ष ने आत्मघाती कदम उठाया।
चुनावी रंजिश और पुलिस की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, मृतक और आरोपी के बीच पुरानी रंजिश भी थी; दोनों पूर्व में पार्षद का चुनाव एक-दूसरे के आमने-सामने लड़ चुके थे।
घटना के बाद आरोपी फरार चल रहे थे। इस बीच पीड़ित परिवार न्याय के लिए मंदसौर पुलिस अधीक्षक (SP) की जनसुनवाई में भी पहुंचा था। जनसुनवाई में गुहार लगाने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। एसपी विनोद कुमार मीना के निर्देशन में भानपुरा थाना प्रभारी आर.सी. दांगी की टीम ने घेराबंदी शुरू की।
राजस्थान सीमा से हुई गिरफ्तारी
आरोपी मंगल सिंह राठौर गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के रावतभाटा, कोटा, झालावाड़ और चेचट जैसे इलाकों में छिपता फिर रहा था। बुधवार रात्रि को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने राजस्थान सीमा के पास लेदी चौराहे से आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई का विवरण:
- अपराध: धारा 108, 351(3), 3(5) BNS (आत्महत्या के लिए उकसाना व धमकी देना)।
- आरोपी: मंगल सिंह (54 वर्ष) एवं जितेन्द्र उर्फ मोनू (35 वर्ष)।
- न्यायालय का फैसला: आरोपियों को भानपुरा न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें उपजेल गरोठ भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आर.सी. दांगी, उनि बापू सिंह बामनिया, एएसआई सुनील तोमर और आरक्षक राजेंद्र सिंह राजावत सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना होने पर कानून का सहारा लें और समय पर सूचित करें।

